मध्यप्रदेश में भाजपा से लगातार पिछड़ती रही कांग्रेस के लिए हालिया निकाय चुनावों से अच्छी खबर आई है। निकाय चुनाव के नतीजे भाजपा को उत्साहित कर सकते हैं, जहां तीन सीटों पर उसके प्रत्याशियों ने भाजपा को पछाड़कर अध्यक्ष पद पर अपना कब्जा जमा लिया है।
जानकारी के अनुसार राज्य में हुए हालिया निकाय चुनावों में अधिकतर सीटों पर जीतने वाले ज्यादा उम्मीदवार कांग्रेस के ही हैं। इसके अलावा मंडीदीप, मैहर और इशागढ़ में हुए चुनावों में अध्यक्ष पद पर भी कांग्रेस उम्मीदवार ने भाजपा को पछाड़कर कब्जा जमाया है।
वहीं कांग्रेस का कहना है कि यह भाजपा के झूठे वादों और उसकी घटती विश्वसनीयता के कारण हो रहा है। जनता का धीरे धीरे भाजपा से मोहभंग हो रहा है इसलिए लोग अब उसे वोट नहीं देना चाहते।
वहीं निकाय चुनावों में भाजपा की यह हार उसके लिए खतरे के संकेत हो सकते हैं क्योंकि दो साल बाद राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पहले से ही व्यापमं घोटाले सहित कई मुसीबतों से जूझ रहे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के लिए भी यह चुनाव खतरे के संकेत हो सकते हैं। क्योंकि विरोधी लगातार उन पर पहले से ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने सहित तमाम आरोप लगा रहे हैं।