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मप्र उपचुनाव: अनूपपुर से भाजपा प्रत्याशी बिसाहू लाल साहू को चुनाव आयोग का नोटिस

Sat, 31 Oct 2020 06:03 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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चुनाव आयोग (फाइल फोटो)
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मप्र में तीन नवंबर को होने वाले 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव के प्रचार के अंतिम दौर में नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप व आपत्तिजनक बयानों का सिलसिला तेज हो गया है। उम्मीदवार कई बार चुनाव आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन भी कर रहे हैं। चुनाव आयोग ऐसे मामलों पर लगातार सख्ती बनाए हुए है। आयोग ने अब राज्य की अनूपपुर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार बिसाहू लाल सिंह साहू को एक बयान के लिए नोटिस जारी कर संयम बरतने की नसीहत दी है।

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आयोग ने साहू को जिस बयान के लिए नोटिस जारी किया है उसमें उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी विश्वनाथ सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। साहू ने कहा था, 'विश्वनाथ सिंह ने नामांकन पत्र में अपनी पहली पत्नी का नाम नहीं लिखा है।' इसके साथ ही साहू ने कुछ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग भी किया था।

इस पर कांग्रेस प्रत्याशी विश्वनाथ सिंह ने बिसाहूलाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही थी। विश्वनाथ सिंह ने कहा था 'मेरी शादी 15 वर्ष पूर्व हुई थी और मैंने नामांकन के दौरान अपनी पत्नी का नाम लिखा है। विश्वनाथ ने कहा था, 'मैं भाजपा नेता पर मेरी छवि खराब करने के लिए मानहानि का मुकदमा करूंगा।' उन्होंने चुनाव आयोग से शिकायत भी की थी। आयोग ने उन्हें सलाह दी है कि वह जनता के बीच ऐसे बयान देने से बचें। बता दें कि साहू उन बागी नेताओं में से एक हैं जो कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे।

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कमलनाथ ने चुनाव आयोग के फैसले को दी चुनौती

उधर, मध्यप्रदेश उपचुनाव के लिए अपने स्टार प्रचारक का दर्जा रद्द करने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने चुनाव आयोग के आदेश को चुनौती दी है। आयोग ने उन्हें यह नोटिस आदर्श आचार संहिता का बार-बार उल्लंघन करने पर जारी किया था।

गौरतलब है कि शुक्रवार को भारतीय चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ से स्टार प्रचारक का दर्जा छीन लिया था। आयोग ने यह फैसला कमलनाथ के खिलाफ आदर्श आचार संहिता का बार-बार उल्लंघन करने के आरोप लगने के बाद लिया था।
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