राज्य में उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कमलनाथ समेत 30 नेताओं को स्टार प्रचारक बनाया था। इस सूची में इनके अलावा मुकुल वासनिक, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, दिग्विजय सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू, सचिन पायलट, अशोक चव्हाण, रणदीप सुरजेवाला, कांतिलाल भूरिया, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, विवेक तंखा, राजमणि पटेल, अजय सिंह, आरिफ अकील, सज्जन सिंह वर्मा, जीतू पटवारी, जयवर्धन सिंह, प्रदीप जैन, लाखन सिंह यादव, गोविंद सिंह, नामदेव दास त्यागी, आचार्य प्रमोद कृष्णा, साधना भारती, आरिफ मसूद, सिद्धार्थ कुशवाहा और कमलेश्वर पटेल को शामिल किया गया था।
उल्लेखनीय है कि इस साल मार्च में कांग्रेस से भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक कांग्रेस के 22 विधायक त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। इसकी वजह से प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी और कमलनाथ ने 20 मार्च को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी। इसके बाद कांग्रेस के तीन अन्य विधायक भी भाजपा में शामिल हो गए थे। 25 सीटें कांग्रेस विधायकों के इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने से खाली हुई हैं, जबकि दो सीटें कांग्रेस विधायकों के निधन से और एक सीट भाजपा विधायक के निधन से रिक्त हुई है।