एमपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के परिणाम मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषित किए। इस बार 10वीं का परिणाम 76.22% और 12वीं का परिणाम 74.28% रहा। इस साल लगभग 16 लाख छात्रों ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा दी।
10वीं की परीक्षा में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा प्रज्ञा जायसवाल सिंगरौली जिले के निगरी गांव की रहने वाली हैं। प्रज्ञा ने 500 में से 500 अंक हासिल किए और प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। प्रज्ञा के माता-पिता दोनों सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। प्रज्ञा ने अपने गांव के एक निजी स्कूल में पढ़ाई की और 10वीं की बोर्ड परीक्षा में सबको हैरान कर दिया।
'जहां चाह है, वहां राह है'
"जहां चाह है, वहां राह है" इस कहावत को प्रज्ञा ने अपनी मेहनत और सफलता से साबित कर दिखाया। सिंगरौली जिले के छोटे से गांव निगरी की रहने वाली प्रज्ञा के पिता सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। एक साधारण परिवार से आने वाली प्रज्ञा ने जब बोर्ड परीक्षा में सफलता हासिल की, तो वह पूरे प्रदेश और देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई।
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प्रज्ञा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव के एक निजी स्कूल से की। वहीं, बिना किसी ट्यूशन के उसने 10वीं की बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया और प्रदेश का नाम रोशन किया। अब प्रज्ञा का सपना है कि वह आईएएस अधिकारी बने। प्रज्ञा ने कहा, "हमें आगे आईएएस बनना है।"