मध्यप्रदेश में तमाम परेशानियों और शिकायतों के बावजूद बिजली की समस्या का समाधान नहीं निकल पा रहा है। बुधवार को बिजली कटौती के विरोध में भाजपा ने पूरे प्रदेश में लालटेन यात्रा निकाली, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा समेत कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
शिवराज शाजापुर जिले की शुजालपुर मंडी में लालटेन लेकर सड़क पर उतरे। वहीं राकेश सिंह के नेतृत्व में भोपाल में नेता ढोल नगाड़ों के साथ लाल परेड ग्राउंड पहुंचे। एसडीएम को लालटेन सौंपकर सभा में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को कह देना, हम मध्यप्रदेश में अंधेरे का राज कायम नहीं होने देंगे।
लालटेन यात्रा के दौरान राकेश सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरप्लस बिजली वाला राज्य था। किसानों को 10 घंटे और घरों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति थी। यहां कांग्रेस सरकार ट्रांसफर के बाद ट्रांसफार्मर घोटाला करना चाहती है, इसीलिए तमाम बहाने बनाए जा रहे हैं। प्रदेश के हालात बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कमलनाथ को प्रदेश की जनता से कोई लेना-देना नहीं है। बिजली के इन्हीं उपकरणों से 15 साल तक भाजपा सरकार ने भरपूर बिजली दी।
उधर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यात्रा के बाद शुजालुपर में सभा के दौरान कहा कि कमलनाथ कलंकनाथ हो गए। बेटियां सुरक्षित नहीं है। कानून व्यवस्था चरमरा गई है। इसे लेकर उन्होंने आम लोगों से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने की अपील की।
इस लालटेन यात्रा को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा कि राज्य में बिजली का कोई संकट नहीं है। बिजली सरप्लस उपलब्ध है। पर्याप्त रोशनी और सरप्लस बिजली की उपलब्धता में भाजपा का लालटेन यात्रा निकालना हास्यास्पद है। भाजपा के नेता सिर्फ आपसी प्रतिस्पर्धा में नंबर एक बनने की होड़ में झूठे मुद्दों पर राजनीतिक आंदोलन कर रहे हैं।