मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कुशवाहा समाज पर दिए बयान पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि उनका अपमान करने का कोई इरादा नहीं था और यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे अपने शब्द वापस लेते हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को कुशवाहा समाज को लेकर दिए गए अपने बयान पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि वह सपने में भी इस समाज का अपमान करने की कल्पना नहीं कर सकते।
क्या कहा था विस अध्यक्ष ने?
तोमर ने कार्यक्रम में कहा था कि भाजपा हमेशा कुशवाहा समाज के प्रति समर्पित और सहिष्णु रही है। यह अलग बात है कि बीच-बीच में कुशवाहा समाज थोड़ा इधर-उधर, गुलाटी खाता रहा और उसके कारण आपने अपनी विश्वसनीयता को खंडित किया। लोकतंत्र में प्रतिष्ठा और सम्मान उसी का रहता है जो एक पक्ष के प्रति प्रतिबद्ध रहता है। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कुशवाहा समाज के कई प्रतिनिधियों ने कड़ी आपत्ति जताई। वहीं, कांग्रेस ने इसे पिछड़ा वर्ग विरोधी बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष के बयान की आलोचना की।
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विवाद बढ़ने पर क्या हुआ?
गौरतलब है कि मुरैना में आयोजित उसी कार्यक्रम के दौरान तोमर ने कहा था कि भाजपा ने कालीचरण कुशवाहा को उस समय टिकट दिया था, जब कोई अन्य दल इस समाज के व्यक्ति को उम्मीदवार बनाने की कल्पना भी नहीं कर सकता था। उन्होंने यह भी कहा था कि संगठन के पदाधिकारी समय-समय पर बदलते रहते हैं, लेकिन वे हमेशा भाजपा के कार्यकर्ता बने रहते हैं।
पटवारी ने भी घेरा था