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एमपी: रिश्वतखोरी में फंसे जीएसटी अधीक्षक पर कार्रवाई, निलंबित; भोपाल-कानपुर के ठिकानों से मिली लाखों की नकदी

Mon, 12 Oct 2026 06:54 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

सेंट्रल जीएसटी अधीक्षक राजेश कुमार गुप्ता को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया है। सीबीआई ने भोपाल और कानपुर स्थित उनके आवासों से 72.50 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।

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सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेंट्रल जीएसटी की प्रिवेंटिव विंग के अधीक्षक राजेश कुमार गुप्ता को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भोपाल स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा आरोपी अधिकारी को दो दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। विशेष अदालत से रिमांड मिलने के बाद जांच एजेंसी उनके विभागीय नेटवर्क और कथित अवैध कमाई के स्रोतों की पड़ताल में जुट गई है। वहीं, सेंट्रल जीएसटी विभाग भी आरोपी अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच तेज करेगा।

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भोपाल और कानपुर स्थित आवासों से लाखों की नकदी बरामद
सीबीआई की टीमों ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी के भोपाल और कानपुर स्थित आवासीय ठिकानों पर छापे मारे। रविवार देर रात तक चली तलाशी के दौरान दोनों ठिकानों से कुल 72 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा अचल संपत्तियों से जुड़े कई दस्तावेज भी मिले हैं। इनकी जांच की जा रही है। सीबीआई ने आधिकारिक बयान जारी कर कार्रवाई की पुष्टि की है।

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दो दिन की रिमांड के दौरान सीबीआई आरोपी अधिकारी से बरामद 72.50 लाख रुपये के स्रोत, अचल संपत्तियों में किए गए निवेश और विभाग में उनके कथित नेटवर्क के संबंध में पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि 15 सितंबर को वसूले गए 11 लाख रुपये में अन्य अधिकारियों की कोई हिस्सेदारी थी या नहीं।

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आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज होने की संभावना
क्लास-2 स्तर के अधिकारी के ठिकानों से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले की आशंका जताई जा रही है। सीबीआई बरामद नकदी और संपत्तियों का अधिकारी की वैध आय से मिलान करेगी। यदि आय और संपत्तियों के बीच अंतर पाया जाता है, तो जांच एजेंसी उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का अलग मामला भी दर्ज कर सकती है।

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