शहडोल पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कामयाबी हासिल की। एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर 18 नाबालिग बच्चों को मुक्त करा लिया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जी जर्नादन व एसी अवधेश गोस्वामी के अनुसार गिरोह से मुक्त कराए गए ज्यादातर बच्चे आदिवासी परिवारों के थे। उन्हें उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था, जहां उन्हें कथित तौर पर बेचा जा रहा था। पुलिस को सूचना मिली थी कि जिले के बच्चों को मेरठ, हापुड़ और पड़ोसी राज्य के अन्य शहरों में ले जाने के लिए एक गिरोह शामिल था, जहां उन्हें गन्ना उत्पादकों को बेचा जाना था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गुरुवार रात को यूपी जा रही एक बस को रोका गया। इसमें 18 नाबालिग लड़के व लड़कियां सवार थे। जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य उन्हें उनके माता पिता की सहमति से ले जा रहे थे। इनमें से 13 बच्चे शहडोल जिले के हैं, जबकि तीन उमरिया जिले के और दो अन्य छत्तीसगढ़ के हैं।
पुलिस ने मानव तस्करी के मामले में बस के ड्राइवर सोनू कुमार शर्मा निवासी बुलंद शहर यूपी, सूरचंद्र निवासी मेरठ व शकील अहमद निवासी हापुड़ को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ मानव तस्करी रोधी कानून व भादंवि के तहत केस दर्ज किया गया है। चौथे आरोपी सोनू कुमार, निवासी मेरठ की तलाश की जा रही है।