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एमपी स्वामित्व योजना: पटवारियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी, 1050 पटवारी पदोन्नत होकर बनेंगे राजस्व निरीक्षक

Fri, 25 Sep 2026 10:27 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश सरकार ने वर्षों से लंबित पटवारियों की पदोन्नति की मांग स्वीकार करते हुए 1,050 पटवारियों को राजस्व निरीक्षक बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। 1 जनवरी 2026 तक 50 वर्ष से कम आयु और जून 2007 या उससे पहले नियुक्त पटवारियों की प्राथमिक सूची तैयार की गई है।
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वल्लभ भवन, भोपाल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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स्वामित्व योजना के अंतर्गत काबिज 50 लाख हितग्राहियों की भूमि की निशुल्क रजिस्ट्री कराने के मार्ग में आ रही बाधा को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने पटवारियों की वर्षों से लंबित मांग स्वीकार कर ली है। राजस्व विभाग ने मध्य प्रदेश में 1,050 पटवारियों को पदोन्नत कर राजस्व निरीक्षक बनाने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस सिलसिले में आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों से पटवारियों के सेवा संबंधी अभिलेख और विस्तृत जानकारी मांगी है।
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प्राथमिक सूची जारी
राजस्व विभाग ने पदोन्नति के लिए 1,050 पटवारियों की प्राथमिक सूची जारी कर दी है। विभाग यह पूरी पदोन्नति कार्रवाई सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पदोन्नति नियम, 2025 के आधार पर कर रहा है। आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन के निर्देशों के अनुसार, विभाग मध्य प्रदेश भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त तृतीय श्रेणी अराजपत्रित (कार्यपालिक एवं तकनीकी) सेवा भर्ती नियम 2012 में 18 जून 2018 को किए गए संशोधन के प्रावधानों के तहत यह प्रक्रिया संचालित कर रहा है। इन नियमों के अंतर्गत 1 जनवरी 2026 की स्थिति में 50 वर्ष से कम आयु वाले पटवारियों को राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति देने हेतु प्राथमिकता सूची तैयार की गई है।

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पात्रता शर्तें और सूची संशोधन
आयुक्त ने जिलाधिकारियों को भेजे पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि 1 जनवरी, 2026 को 50 वर्ष से कम आयु वाले और जून 2007 या उससे पूर्व नियुक्त किसी पटवारी का नाम भेजी गई सूची में शामिल नहीं है, तो जिलाधिकारी ऐसे पटवारी का नाम तत्काल सूची में जोड़ें। इसके साथ ही, यदि सूची में किसी प्रकार की त्रुटि या संशोधन की आवश्यकता दिखती है, तो जिला कार्यालय स्तर पर सुधार करके प्रामाणिक दस्तावेज के साथ सही जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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जानकारी जमा करने की समयसीमा
आयुक्त कार्यालय ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जिलों में पदस्थ तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन, नायब तहसीलदार और संबंधित लिपिकों के माध्यम से मांगी गई सभी जानकारियां 30 सितंबर  को सुबह 10:00 बजे अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित होकर जमा कराएं। उल्लेखनीय है कि सरकार ने स्वामित्व योजना में 50 लाख हितग्राहियों की भूमि की निशुल्क रजिस्ट्री के लिए पटवारियों को निष्पादक अर्थात रजिस्ट्रीकर्ता बनाया था। पटवारी इसके विधिक बिंदुओं का विरोध करते हुए अपनी वर्षों पुरानी पदोन्नति की मांग पूरी करने का दबाव बना रहे थे, जिसे सरकार ने अब स्वीकार कर लिया है।
 
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