अक्सर आपने टीवी सीरियल और फिल्मों में स्कूल में भूत होने की बात देखी व सुनी होगी। लेकिन असल में भूत के डर से बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। यह बात पहली बार सुनने में आई है। ऐसा ही एक मामला मुरैना जिले के शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय बिचोली का पुरा में सामने आया है। यहां पर भूत के डर से सोमवार को बच्चे स्कूल में पढ़ने नहीं पहुंचे। प्रभारी हेडमास्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गांव के सरपंच के साथ बैठकर भूत भगाने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत हेडमास्टर और सरपंच घर-घर दस्तक दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मुरैना विकास खंड के अंतर्गत आने वाले शासकीय माध्यमिक/प्राथमिक विद्यालय बिचोली का पुरा में कक्षा एक से आठ तक करीब 450 विद्यार्थियों के नाम भर्ती रजिस्टर में दर्ज हैं। प्रभारी हेडमास्टर मुस्ताक अहमद के अनुसार, इनमें से 80 फीसदी छात्रों की उपस्थिति रोजाना दर्ज होती है। विगत सोमवार को भी स्कूल में करीब सवा तीन सौ बच्चे पढ़ने आए थे। स्कूल की छुट्टी होने के बाद सभी बच्चे अपने-अपने घर चले गए थे।
इस दौरान किसी भी बच्चे ने स्कूल में कोई परेशानी होने की शिकायत नहीं की थी। रविवार सुबह से स्कूल में भूत होने की चर्चा शुरू हो गई। शाम तक यह बात पूरे गांव में आग की तरह फैल गई कि स्कूल में भूत है और नरकंकाल के रूप में देखा गया है। प्रभारी हेडमास्टर का कहना है कि यह बात गांव के किसी शरारती तत्व ने अपने निजी लाभ के लिए फैलाई है। इस अफवाह से बच्चे इतने डर गए कि बुधवार को सिर्फ एक सैकड़ा बच्चे स्कूल में पहुंचे। चूंकि, गांव में करीब चार-पांच प्राइवेट कोचिंग संचालित होती हैं।
सरकारी स्कूल में बच्चों के न आने से इसका सीधा लाभ प्राइवेट कोचिंग संचालकों को होगा। इसलिए संभवतः इन लोगों ने ही यह अफवाह गांव में फैलाई होगी। बच्चों के दिमाग से भूत का डर निकालने के लिए वे सरपंच को साथ लेकर मंगलवार से गांव में घर-घर दस्तक देना शुरू कर दिए हैं। वे पालकों को बताएंगे कि स्कूल में कोई भूत नहीं है। बल्कि यह प्राइवेट कोचिंग संचालकों का एक षड्यंत्र है। इसलिए वे अपने बच्चों को निडर होकर स्कूल भेजें।