दावा किया गया कि कार्यक्रम में एक लाख से ज्यादा लोग मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिला उद्यमियों को संभावनाएं बनाने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के माध्यम से हम प्रत्येक जिले के लोकल उत्पादों को बड़े बाजारों में पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसका बड़ा लाभ महिला स्वयंसहायता समूहों को मिला है। कुछ देर पहले मुझे कुछ महिलाओं से बात करने का मौका मिला। ग्रामीण बहनों के बनाए यह उत्पाद पूरे देश के लिए अनमोल है।
मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि यहां मध्यप्रदेश में हमारे शिवराज सिंह की सरकार ऐसे उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। सरकार ने अनेक ग्रामीण बाजार स्वयंसहायता समूहों की महिलाओं के लिए ही बनाए हैं। इन बाजारों में स्वयंसहायता समूहों ने 500 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री है। इतना सारा पैसा आपकी मेहनत से गांव की बहनों के पास पहुंचा है।
हर क्षेत्र में महिलाएं आगे
उन्होंने कहा कि जिस भी सेक्टर में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा है, उस क्षेत्र में, उस कार्य में सफलता अपने आप तय हो जाती है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता इसका बेहतरीन उदाहरण है, जिसका महिलाओं ने नेतृत्व किया है। आज गांवों में खेती हो, पशुपालन का काम हो, डिजिटल सेवाएं हों, शिक्षा हो, बैंकिंग सेवाएं हों, बीमा से जुड़ी सेवाएं हों, मार्केटिंग हो, भंडारण हो, पोषण हो, अधिक से अधिक क्षेत्रों में बहनों-बेटियों को प्रबंधन से जोड़ा जा रहा है। आपके सफल नेतृत्व, सफल भागीदारी का एक उत्तम उदाहरण जल जीवन मिशन भी है। हर घर पाइप से जल पहुंचाने के इस अभियान में सिर्फ 3 वर्षों में 7 करोड़ नए पानी के कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
सरकार ने हर प्रकार से मदद की
उन्होंने कहा कि पिछले 8 वर्षों में स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने में हमने हर प्रकार से मदद की है। आज पूरे देश में 8 करोड़ से अधिक बहनें इस अभियान से जुड़ चुकी हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर ग्रामीण परिवार से कम से कम एक महिला, एक बहन हो, बेटी हो, मां हो, इस अभियान से जुड़े। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत 2014 से पहले के 5 वर्षों में जितनी मदद दी गई, बीते 7 साल में उसमें लगभग 13 गुना बढ़ोतरी हुई है। हर स्वयं सहायता समूह को पहले जहां 10 लाख रुपये तक का बिना गारंटी का ऋण मिलता था, अब ये सीमा भी दोगुनी यानी 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख की गई है। फूड प्रोसेसिंग से जुड़े स्वयं सहायता समूह को नई यूनिट लगाने के लिए 10 लाख रुपये से लेकर 3 करोड़ रुपये तक की मदद दी जा रही है।
सेनाओं के द्वार भी बेटियों के लिए खुले
पीएम ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण उन्हें समाज में भी उतना ही सशक्त बनाता है। हमारी सरकार ने बेटियों के लिए सारे, जितने दरवाजे बंद थे, सारे दरवाजे को खोल दिए हैं। अब बेटियां सैनिक स्कूलों में भी दाखिल हो रही हैं, पुलिस कमांडो में जाकर के देश की सेवा कर रही हैं। इतना ही नहीं सीमा पर भारत मां की बेटी, भारत मां की रक्षा करने का काम फौज में जाकर कर रही है। पिछले 8 वर्षों में देशभर की पुलिस फोर्स में महिलाओं की संख्या एक लाख से बढ़कर दोगुनी यानी 2 लाख से भी अधिक हो चुकी है। केंद्रीय बलों में भी अलग-अलग जो सुरक्षा बल हैं, आज हमारी 35 हजार से अधिक बेटियां देश के दुश्मनों से, आतंकवादियों से टक्कर ले रही हैं। आतंकवादियों को धूल चटा रही हैं। ये संख्या 8 साल पहले की तुलना में लगभग दोगुनी हो गई है यानी परिवर्तन आ रहा है, हर क्षेत्र में आ रहा है। मुझे आपकी ताकत पर पूरा भरोसा है। सबका प्रयास से एक बेहतर समाज और सशक्त राष्ट्र बनाने में हम जरूर सफल होंगे।
सीएम शिवराज भी मौजूद थे।
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मोदी ने कहा कि 75 साल बाद चीता फिर हमारी धरती पर लौट आया है। कुछ देर पहले मुझे कूनो में चीतों को छोड़ने का सौभाग्य मिला। हम पूरे विश्व को संदेश देना चाहते हैं। आज जब आठ चीते हमारी देश की धरती पर लौट आए हैं, दूर अफ्रीका से आए हैं, लंबा सफर करके आए हैं, हमारे बहुत बड़े मेहमान आए हैं। इन मेहमानों के सम्मान में हम सब अपनी जगह पर खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर करके स्वागत करें। जोर से ताली बजाएं। जिन्होंने हमें चीते दिए हैं, उन देशवासियों का भी हम धन्यवाद करते हैं। उन्होंने लंबे अरसे बाद हमारी मनोकामना पूरी की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस इलाके के नागरिकों को विशेष बधाई देता हूं। हिंदुस्तान बहुत बड़ा है। लेकिन यह चीते सिर्फ आपके यहां आने का निर्णय भारत सरकार ने क्यों किया, क्या यह आपने कभी सोचा है। यह तो सबसे बड़ी बात है। यह चीता आपको सुपूर्द किया है क्योंकि आप पर हमारा भरोसा है। आप मुसीबतें झेलेंगे लेकिन चीते पर मुसीबत नहीं आने देंगे, यह मेरा विश्वास है। इसी के कारण मैं आप सबको यह आठ चीतों की जिम्मेदारी सौंपने आया हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि इस देश के लोगों ने मेरे भरोसे को नहीं तोड़ा है। मप्र के लोगों ने मेरे भरोसे पर कभी आंच नहीं आने दी है। श्योपुर के सभी लोगों पर पूरा भरोसा है कि मेरे भरोसे पर आंच नहीं देंगे।