मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्रिस्टल आईटी पार्क का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस पार्क के जरिये करीब एक लाख नौकरियों का सृजन होगा। राज्य के एक मात्र सेज में स्थित क्रिस्टल आईटी पार्क के संबंध में सीएम ने कहा कि इस परियोजना के जरिये ढाई साल में करीब एक लाख नौकरियों का सृजन होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि औद्योगिक और व्यावसायिक विकास के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में होने वाले विदेशी निवेश से प्रदेश का चहुमुंखी विकास होगा।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा की खंडवा रोड पर स्थित 20 एकड़ जमीन में एमपीएकेवीएन द्वारा 150 करोड़ रुपए की लागत से इस पार्क का निर्माण किया जाएगा। साथ ही कहा कि 2017 में 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंत तक मध्यप्रदेश 12 प्रतिशत की विकास दर हासिल कर लेगा। आईटी, कृषि, वानिकी, टेक्सटाइल और खाद्य क्षेत्रों के फायदे के लिए प्रदेश सरकार ने कई नीतियां बनाई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा की विकास का प्रकाश आम आदमी तक पहुंचें। इंदौर को देश के प्रमुख शहरों की सूची में लाकर ही दम लेंगे। आईटी सेक्टर कम निवेश में अधिक रोजगार देने वाला उद्योग है। इसे और अधिक बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। आईटी पार्क से लगी खुली जमीन को आईटी सेक्टर में निवेश करने वालों को प्रदान किया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता प्रदेश के उद्योग एवं आईटी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की। यहां स्वास्थ्य राज्य मंत्री महेन्द्र हार्डिया, महापौर कृष्णमुरारी मोघे, समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक रमेश मेंदोला, मालनी गौड़, जीतू जिराती उपस्थित थे। आयोजन में प्रदेश के मुख्य सचिव आर.परशुराम, हरिरंजन राव, श्रमायुक्त संजय दुबे, विवेक अग्रवाल भी उपस्थित थे।
प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने शिलालेख का अनावरण किया। फीता काट लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने स्थापित कंपनी का निरीक्षण भी किया। आयोजन में आईटी कंपनी के प्रवीण कंकारिया ने कहा कि इस पार्क के बाद इंदौर की जड़े मजबूत होगी। उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आगमी ढाई वषरे में 5 लाख लोगों को आईटी सेक्टर में रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। इस मौके पर उन्होंने क्रिस्टल आईटी पार्क के निर्माण और प्रदेश शासन के वर्तमान अधिकारियों की जमकर तारीफ की।
क्रिस्टल आईटी पार्क में वर्तमान में तीन कंपनियों ने उत्पादन प्रारंभ कर दिया है। यह इंदौर का दूसरा स्पेशल इकोनॉमी जोन है। इसके बाद अब साफ्टवेयर टेक्नालॉजी के क्षेत्र में इंदौर को हब के रूप में भी जाना जाने लगेगा। पार्क के निर्माण में लगभग 150 करोड़ रूपये की लागत आई है। लगभग 12 एकड़ भूमि में 52 हजार वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्रफल का निर्माण दो बहुमंजिला भवनों के रूप में किया गया है। प्रथम भवन 10 मंजिल का है जिसमें बेसमेंट में पार्किंग की व्यवस्था की गयी है। इस भवन की डिजाइन आंख के आकार की है तथा कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 31 हजार 800 वर्ग मीटर है।