सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने पेच बांध परियोजना में भूमि अधिग्रहण के विरोध में मंगलवार को जेल में उपवास शुरू कर दिया है। कल छिंदवाडा में मेधा पाटकर को शांति भंग करने के आरोप में 17 समर्थकों के साथ गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था। वह पेच बांध परियोजना में भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों के आंदोलन में शामिल होने आई थीं।
पाटकर को जेल में खाना भेजा गया तो उन्होंने स्वीकार नहीं किया और उपवास की घोषणा कर दी। पाटकर की बिना जमानत के रिहाई के लिए उनके वकील डीके प्रजापति ने आज अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की आदलत में आवेदन किया था, लेकिन इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। पाटकर की गिरफ्तारी के विरोध में नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता बुधवार को दिल्ली में मध्यप्रदेश हाउस पर धरना देंगे।
गौरतलब है कि सोमवार को पेंच बांध परियोजना में भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों के आंदोलन में शामिल होने आईं मेधा पाटकर छिंदवाडा आईं थीं। प्रशासन द्वारा गांव में जाने से रोके जाने पर वह दिन में धरने पर बैठ गईं थीं। जिले के चौरई विकासखंड के माचागोरा और बाभनवाडा में किसान और ग्राम पंचायत भूमि अधिग्रहण के विरोध में लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं।
इसी आंदोलन में शामिल होने के लिए पाटकर ट्रेन से यहां पहुंची। जिला कलेक्टर महेश चंद्र चौधरी ने पाटकर को बताया कि उन्हें गांव में जाने की इजाजत नहीं है। जिसे बाद वह जिला प्रशासन के विरोध में ही अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गईं। उन्हें शांति भंग होने की आशंका में बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।