भस्म आरती देखने के लिए जारी प्रोटोकॉल टिकटों में भी बदलाव।
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महाकाल मंदिर समीति ने कई नए फैसलें को मंजूरी दी है। भक्तों की आस्था और सुविधा को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने फैसला किया है कि सभी भक्तों को शिवलिंग पर जलाभिषेक का लाभ मिल सकेगा। अब पुजारी स्वयं ही श्रद्धालुओं से बाल्टी में जल लेकर शिवलिंग पर जल अर्पित कर दिया करेंगे।
महाकाल मंदिर के पुजारी के अनुसार, इससे पहले तक कई श्रद्धालु मौका देखकर शिवलिंग पर जलाभिषेक कर लेते थे और सामान्य भक्त इससे वंचित रह जाते थे। कोरोना संक्रमण के कारण महाकाल के जलाभिषेक पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। केवल पुजारी ही भगवान को जल अर्पित कर पाते थे। लेकिन नई व्यवस्था से भक्तों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा मंदिर में भस्म आरती और सामान्य दर्शन के लिए जारी टिकटों में भी बदलाव का फैसला लिया गया है। भस्म आरती के टिकटों पर महाकाल की तस्वीर लगी होती थी। इसे लोग इधर-उधर या कचरे के डिब्बे में फेंक देते थे और यह लोगों के पैरों के नीचे आ जाते थे, जो की भगवान का अपमान है। कई दिनों से इस बात का विरोध हो रहा था।
इसी बात को संज्ञान में लेते हुए प्रबंधन समिति को टिकटों में बदलाव के लिए बोला गया। आगे से टिकटों पर महाकाल की तस्वीर नहीं छपेगी। इसके अलावा अब आम लोगों द्वारा पुजारियों के जरिए महाकाल पर जल चढ़वा लेने पर भी मंदिर प्रबंध समिति ने प्रतिबंधित कर दिया है।