मंदसौर जिले सहित नीमच और रतलाम में शनिवार से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जलभराव की पुरानी समस्या को उजागर कर दिया है। शनिवार सुबह साढ़े दस बजे से शुरू हुई बारिश का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। कभी रुक-रुक कर तो कभी तेज बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया।
मंदसौर शहर जलमग्न, यातायात बाधित
मंदसौर में नयापुरा रोड, शुल्का चौक, बालागंज और अन्य निचले इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के कारण मुख्य मार्गों पर यातायात ठप हो गया। दोपहिया वाहन चालकों को सड़कों पर बहते पानी और गड्ढों के कारण खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शिवना नदी उफान पर, डेम के गेट खुले
रतलाम के सैलाना, पिपलौदा और राजस्थान के प्रतापगढ़ क्षेत्र में हुई भारी बारिश के चलते मंदसौर से गुजरने वाली शिवना नदी उफान पर आ गई। हालात को देखते हुए काला भाटा डेम के दो गेट 8 फीट तक खोलने पड़े। इससे पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र स्थित छोटी पुलिया जलमग्न हो गई। हालांकि रविवार दोपहर बाद नदी के बहाव में थोड़ी कमी आई।
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नीमच में हालात और खराब
नीमच में डाक बंगला चौराहा, फव्वारा चौक, स्टेशन रोड और मनासा मार्ग पर भारी जलभराव की स्थिति रही। फव्वारा चौक में नाले की क्षमता कम होने के कारण पानी दुकानों में घुस गया, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ।
बच्चों ने उठाया बारिश का लुत्फ, पर मचा रहा हाहाकार
जहां एक ओर बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया, वहीं कुछ बच्चों ने इसे मस्ती का मौका बना लिया। गलियों में नहाते और खेलते बच्चों की मस्ती भी कई बार परेशानी का कारण बनती नजर आई।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने बताया है कि चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation), ट्रफ और डिप्रेशन के कारण प्रदेश में मजबूत वर्षा प्रणाली सक्रिय है। अगले 24 घंटों के भीतर मंदसौर, नीमच और रतलाम जिलों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।