प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए एसपी
पुलिस तस्करों की धरपकड़ के साथ ही उनकी आर्थिक कमर तोड़ने और अवैध रूप से कमाए गए रुपयों से अर्जित की गई संपत्ति की फ्रीजिंग के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसमें पुलिस को काफी सफलता भी मिली है। पिछले साल मंदसौर पुलिस के प्रयासों से 134 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति फ्रीजिंग के प्रस्ताव सफ़ेमा कोर्ट मुंबई में पेश किए गए। इसमें 91 करोड़ से अधिक की संपत्ति के फ्रीजिंग के आदेश कन्फर्म किए गए।
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जानकारी देते हुए एसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि मादक पदार्थ की तस्करी में लिप्त तस्करों की धरपकड़ के साथ-साथ ऐसे तस्कर जिनके द्वारा मादक पदार्थ की तस्करी से अवैध रूप से सम्पत्ति अर्जित की गई। ऐसे तस्करों के प्रकरणों को चिन्हित कर उन तस्करों एवं उनके रिश्तेदारों की चल अचल सम्पत्ति की जानकारी संकलित करवाकर थाना प्रभारी/विवेचकों से वित्तीय अनुसंधान करवाया गया। इसके फलस्वरूप एक जनवरी 25 से 18 जून 25 तक की अवधि में कुल 30 प्रकरणों के आरोपी एवं उनके रिश्तेदारों की 134 करोड़ 76 लाख 71 हजार 737 रुपए की चल-अचल सम्पत्ति पाई गई। थाना प्रभारी/विवेचक द्वारा फ्रीजिंग आदेश तैयार कर प्रकरण सक्षम अधिकारी सफेमा, मुम्बई के न्यायालय में पेश किए गए, जहां से आरोपी एवं उनके नातेदारों को सूचना पत्र जारी कर सुनवाई की गई एवं सुनवाई उपरांत 30 प्रकरणों में से 26 प्रकरणों में 91 करोड़ 58 लाख 52 हजार 374 रुपए की सम्पत्ति के फ्रीजिंग आदेश कन्फर्म किए गए।
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तीस में से 18 मामलों में आरोपी सजायाफ्ता
एसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि वर्ष 2025 में पुलिस द्वारा मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध की गई कार्रवाई में 30 प्रकरणों में से 18 प्रकरणों के तस्कर वर्तमान में सजायाफ्ता है। इसमें माननीय विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट द्वारा आरोपियों को 10-10 वर्ष के कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किए गए हैं।