Mandsaur News : स्टेशनरी बिल पास करने के लिए 15 हजार की रिश्वत लेते थोक उपभोक्ता भंडार की महिला प्रशासक गिरफ्तार कर ली गईं हैं। यह कार्रवाई उज्जैन की लोकायुक्त टीम ने की है। पढ़े पूरी खबर
उज्जैन लोकायुक्त ने जिला थोक उपभोक्ता सहकारी भंडार मंदसौर की सहायक प्रबंधक हिमांगिनी शर्मा को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने स्टेशनरी का बिल पास कराने के लिए 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल ने बताया कि 22 सितंबर 2025 को आवेदक प्रभुलाल धनगर ने शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया कि जिला थोक उपभोक्ता भंडार की सहायक प्रबंधक हिमांगिनी शर्मा ने संस्था संचालन से संबंधित स्टेशनरी क्रय के नोटशीट और चेक पर हस्ताक्षर करने के एवज में 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
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शिकायत के आधार पर लोकायुक्त टीम का गठन कर सत्यापन किया गया। शिकायत सही पाए जाने पर प्रभुलाल धनगर को 15 हजार रुपये देकर रिश्वत देने के लिए भेजा गया। इसी दौरान हिमांगिनी शर्मा ने रिश्वत ली और टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
हर छोटे काम में करती थी डिमांड
प्रभुलाल धनगर ने बताया कि हिमांगिनी शर्मा हर बार बिल पास कराने के एवज में रुपये की मांग करती थी। परेशान होकर उन्होंने लोकायुक्त में शिकायत की, जिसके बाद टीम ने कार्रवाई की।
एक्शन से दिया कड़ा संदेश
डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल के नेतृत्व में टीम में निरीक्षक हीना डावर, आरक्षक अनिल अटोलिया, श्याम शर्मा, नीरज कुमार, महिला आरक्षक नेहा मिश्रा, मनीषा राजपूत, कार्य प्र. आरक्षक हितेश ललावत और कंप्यूटर टाइपिस्ट अंजली पूरानिया शामिल थे। लोकायुक्त टीम ने समय पर कार्रवाई कर भ्रष्टाचारियो को कड़ा संदेश दिया है। इसके बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।