मंदसौर में आईपीएल मैचों पर जमकर सट्टा लगाया जा रहा है। करोड़ों का लेन-देन हो रहा है। सारा कारोबार ऑनलाइन माध्यम से किया जा रहा है। मंदसौर पुलिस ने आईपीएल मैचों पर सट्टा लगाने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को दबिश के दौरान करीब सवा करोड़ रुपये का हिसाब भी मिला है। आठ आरोपी मौके से भाग गए, जिनकी तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई की थी। पुलिस की ओर से बताया गया कि इस खेल का मास्टरमाइंड इकबाल निवासी खिलचीपुरा है। जो अपने साथियों इंदौर निवासी धर्मेंद्र उर्फ धम्मू, नीमच निवासी सौरभ मित्तल, चंदन सिंधी उर्फ चंडी, पीयूष मलासिया के साथ मिलकर मास्टर आईडी और आईडी का वितरण करता है। इन्हीं के गुर्गों के रूप में काम करने वाले पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिय है। इनके नाम मोहम्मद आसिफ उर्फ मोनू पिता मोहम्मद यूसुफ निवासी जनकूपुरा, अजहर पिता आजाद मेवाती निवासी सोनगिरी हाल मुकाम खिलचीपुरा, देवेंद्र पिता राधेश्याम डगवार निवासी बालागंज, सागर पिता किशोर डगवार निवासी बालागंज, लखन उर्फ लवी पिता प्रद्युम्न शर्मा निवासी नई आबादी मंदसौर बताए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 2 लैपटाप, 6 एंड्राइड मोबाइल, 14 की पेड मोबाइल, 95090 रुपये, 2 रजिस्टर व 1 छोटी नोटबुक जब्त की है। मोबाइल, लैपटाप में आईपीएल सट्टे का करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये का हिसाब-किताब का रजिस्टर जब्त किया गया। मामले में इकबाल, धर्मेंद्र उर्फ धम्मू, सौरभ मित्तल, चंदन सिंधी उर्फ चंडी, पीयूष मलासिया, जाहिद मिट्ठू, मोहित नाहर, शुभम जैन अभी फरार हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ऑनलाइन आईडी द्वारा हार-जीत के दांव लगवा रहे थे। मास्टर आईडी के माध्यम से ग्राहकों के मोबाइल में प्लेइंग आईडी दी जाती थी, इसमें पेटीएम व अन्य माध्यमों से बैलेंस डलाया जाता है और जितना बैलेंस होता है उतना खेल ग्राहक खेल सकता है। आईडी लेने के बाद प्रत्येक ओवर, रन, विकेट, वाइट बाल, नो बाल, केच, एलबीडब्ल्यू, रन आउट पारी इत्यादि पर हार-जीत के लगाए जा रहे थे। मामले में पुलिस ने तीन प्रकरण दर्ज किए हैं।