Mandsaur: मां-बेटी मिलकर रोने लगीं
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मंदसौर में एक लापता विक्षिप्त महिला सात माह बाद जब परिवार से मिली तो फूट-फूटकर रोने लगी। महिला की मां और भाई उसके मिलने की उम्मीद खो चुके थे। अचानक सामने देखा तो आंसू नहीं रोक सके। ये संभव हो पाया सामाजिक संगठनों की मेहनत और गूगल की मदद से।
नए साल के पहले दिन यह मार्मिक दृश्य निराश्रित महिला गृह में उस समय दिखा जब राजस्थान के एक परिवार को उसकी 7 माह से बिछड़ी बेटी से मिलन हुआ। राजस्थान के शंभूपुरा निवासी 22 वर्षीय लीला पति की मृत्यु के बाद सदमे में थी, वह विक्षिप्त हो गई। सात महीने पहले वह एक दिन अचानक घर से निकल गई, और लापता हो गई। भटकते-भटकते वह मंदसौर पहुंच गई।
यहां निराश्रित महिला गृह ने सात महीने तक अपने पास रखा। काफी पूछताछ की गई पर महिला अपनी किसी भी पहचान को नहीं बता पा रही थी। कई दिनों तक उसकी देखभाल की गई। कुछ दिन पहले उसने जैसे-तैसे राजस्थान के शंभू पूरा में रहना बताया। निराश्रित महिला गृह के सदस्यों ने इंटरनेट के माध्यम से महिला के परिजनों को खोजने का प्रयास किया। काफी खोजबीन के बाद शंभूपुरा में महिला के परिजनों से संपर्क हुआ। परिजन मंदसौर पहुंचे और नए साल के पहले लीला से मिले।
हम तो उम्मीद खो चुके थे
लीला की मां और भाई उसे लेने मंदसौर पहुंचे। उन्होंने बताया कि महीनों तक लीला को खोजने के लिए भटकते रहे। जहां तक संभव हो सका, उसे तलाश किया। थक हारकर खोजना बंद कर दिया। जब लीला के यहां होने की जानकारी मिली तो बता नहीं सकते कितनी खुशी मिली। निराश्रित महिला गृह से बताया गया कि इन्हें सात माह पहले लीला मिली थी। अभी कुछ दिनों पहले उसने बताया कि वह राजस्थान के शंभूपुरा में रहती है। गूगल की मदद से इसकी खोज शुरू की। जानकारी मिलने पर इसके परिजनों से शंभूपुरा थाने के माध्यम से संपर्क किया।