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Mandla: मंडला अस्पताल में मौत पर बवाल, इंजेक्शन के 5 मिनट बाद थम गई सांस, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

Mon, 16 Mar 2026 04:07 PM IST
मंडला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडला

सार

मध्य प्रदेश के मंडला जिला अस्पताल में इलाज के दौरान 57 वर्षीय प्रहलाद खरारे की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के करीब पांच मिनट बाद ही मरीज की मौत हो गई।
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पुलिस मामले की जांच में जुटी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के मंडला जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद अस्पताल में जमकर हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही और गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। हालात बिगड़ते देख अस्पताल प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी।
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इलाज के दौरान हुई मरीज की मौत

जानकारी के अनुसार 57 वर्षीय प्रहलाद खरारे को 14 मार्च को मंडला जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि जब उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया, तब उनकी हालत स्थिर थी और वह सामान्य रूप से बातचीत कर रहे थे। इतना ही नहीं, रविवार रात तक उन्होंने खाना भी खाया था। परिजनों के मुताबिक, रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात करीब 1:30 बजे ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने मरीज को एक इंजेक्शन लगाया। उनका आरोप है कि इंजेक्शन लगाने के करीब पांच मिनट के अंदर ही मरीज की मौत हो गई। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के वार्ड में हंगामा शुरू कर दिया।

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बुलाया गया

अस्पताल में बढ़ते विवाद को देखते हुए प्रबंधन ने तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाया और मामला शांत कराया। पुलिस ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा भी दिलाया। जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. हेमेंद्र सिंह चौहान ने परिजनों के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि मरीज क्रोनिक लीवर डिजीज (CLD) और अल्टर्ड सेंसोरियम जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित था। डॉक्टर के अनुसार मरीज की हालत काफी गंभीर थी और उसे पहले ही जबलपुर रेफर करने की सलाह दी गई थी।
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परिजनों ने रेफर करने से किया था मना

डॉ. चौहान के अनुसार अस्पताल की ओर से मरीज को जबलपुर ले जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन परिजनों ने बाहर ले जाने से मना कर दिया था। उन्होंने अस्पताल में ही इलाज जारी रखने का आग्रह किया था। फिलहाल कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारण का पता चल सकेगा। मामले की जांच जारी है।

 

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