मंडला जिले के बहुचर्चित मनेरी सामूहिक हत्याकांड में अदालत ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया। निवास कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिन्हा ने आरोपी हरी उर्फ हरीश सोनी को छह लोगों की निर्मम हत्या के मामले में मृत्युदंड (फांसी की सजा) सुनाई है। फैसले के बाद मृतक राजेंद्र सोनी के भाई संतोष सोनी ने कहा कि हत्यारे को फांसी की सजा मिलने से उन्हें संतोष है। उन्होंने कहा कि जब तक सजा लागू नहीं होती, तब तक परिवार को पूर्ण न्याय मिलने का एहसास नहीं होगा।
15 जुलाई 2020 को हुआ था दिल दहला देने वाला सामूहिक हत्याकांड
यह सनसनीखेज वारदात 15 जुलाई 2020 को बीजाडांडी थाना क्षेत्र के ग्राम मनेरी में हुई थी। गांव निवासी रज्जन सोनी के घर पर उनके ही रिश्तेदार दो भाइयों — हरी सोनी और संतोष सोनी ने धारदार हथियार से हमला किया था। बताया गया कि हमलावरों ने पहले घर में मौजूद लोगों की आंखों में मिर्च पाउडर डाला और फिर एक ही परिवार के छह सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के दौरान एक आरोपी संतोष सोनी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरे आरोपी हरी सोनी को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों और पीड़ित परिवार के बीच पुराना विवाद चल रहा था।
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अदालत का फैसला, कई धाराओं में सजा और जुर्माना
सुनवाई के दौरान पेश साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और निम्न सजा सुनाई है- धारा 302 (हत्या) मृत्युदंड एवं कुल 3 लाख रुपये अर्थदंड (प्रत्येक हत्या पर 50,000 है।) धारा 307 (हत्या का प्रयास) – 5 मामले — आजीवन कारावास (एक के बाद एक चलने वाली सजा है।) धारा 449 — 10 वर्ष का सश्रम कारावास है। आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी) — 2 वर्ष की सजा है। इसके साथ ही अतिरिक्त 7,000 रूपये का जुर्माना लगाया है।
पांस साल बाद आया फैसला
करीब पांच वर्षों तक न्यायालय में विचाराधीन रहने के बाद इस मामले में फैसला आया है। इस निर्णय को जिले के सबसे चर्चित मामलों में से एक माना जा रहा है।