टीआई ने बताया कि आरोपी वर्तमान में इंदौर के सदर बाजार के साउथ गाडराखेड़ी में किराए पर रहता था। आरोपी ने बताया कि यहां वह जिस लड़की के साथ रहता था, वह उसकी बहन नहीं थी। बल्कि वह उसे करीब छह साल पहले भोपाल से अगवा करके ले आया था।
अगवा होने के समय लड़की की उम्र 11 साल थी। मोहल्ले वालों को उसे अपनी बहन बताता था। आरोपी ने यह भी कबूला कि उसने छह साल तक उस लड़की का शोषण किया।
लेकिन कुछ दिन पहले इस लड़की का मोहल्ले के ही एक लड़के से अफेयर की बात पता चलने पर वह लड़की को उसके घर छोड़ आया और करीब पांच दिन बाद पड़ोस में रहने वाली सात साल की बच्ची का अपहरण कर लिया। पुलिस ने बताया कि सात साल की मासूम के घर आरोपी संतोष का आनाजाना था।
पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में सात साल की मासूम को अगवा करने वाले की पहचान आरोपी संतोष के रूप में हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के साथ छह साल तक रहने वाली लड़की के बारे में जब जानकारी जुटाई। पता चला कि मोहल्ले के छात्र शुभम खांडे से उसका अफेयर था।
शुभम ने पुलिस को बताया कि आरोपी संतोष को जब यह बात पता चली थी तो उसने लड़की और मुझसे झगड़ा किया। इसके बाद शुभम ने ही पुलिस को लड़की का एक ऐसा नंबर दिया जो सिर्फ उसे ही पता था। पुलिस जब लड़की के पास पहुंची तो एक और कहानी पता चली।
लड़की ने बताया कि संतोष ने उसका 11 साल की उम्र में भोपाल से अपहरण कर लिया था और छह साल से उसका शोषण कर रहा था। पुलिस इस मामले में भी आरोपी के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म का केस दर्ज करेगी। लड़की ने बताया कि वह सागर क्षेत्र में मिल सकता है। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे सागर बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया।