मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के एक गांव में सोमवार रात अचानक बाढ़ का पानी घुस आया। पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और सारे लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान खोजने लगे। ऐसी ही आपा-धापी में यहां रहने वाले विकलांग हरीराम ने जान बचाने के लिए पेड़ की एक डाल पकड़ ली।
हरिराम की तरकीब ने उसकी जान तो बचा ली लेकिन उसकी आखों के सामने असकी पत्नी और तीन छोटे-छोटे बच्चे पानी के तेज बहाव में बह गए।
बहुत तलाश किया गया लेकिन मंगलवार रात तक चारों को नहीं खोज जा सका। हरीराम का पूरा परिवार खो गया है। रन्नौद गांव में अब हरीराम के घर के मलबे के सिवा कुछ नहीं बचा है।
अचानक आई इस बाढ़ से गांव के करीब 125 कच्चे घर बह गए हैं। अब गांव के पांच हजार लोगों के सामने रहने खाने का संकट खड़ा हो गया है।
इस साल के मानसून में अब तक प्रदेश में 50 से ज्यादा जानें जा चुकी हैं।