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Kunkeshwar Dham: 50 साल पहले कोतवाल के स्वप्न में आए थे भगवान शिव! फिर ऐसे हुई कुनकेश्वर धाम की खोज

Sat, 14 Jan 2023 05:20 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सार

Kunkeshwar Dham: मकर संक्रांति के अवसर पर कुनकेश्वर धाम में लगने वाले इस पांच दिवसीय मेले की खास बात यह है कि इस इलाके के कोतवाल (थानेदार) पहले कुनकेश्वर धाम में पूजा अर्चना करते हैं और फिर उसके बाद वहां के लोग पूजा अर्चना करते हैं, और फिर इस भव्य मेले की शुरुआत हो जाती है।
 
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kunkeshwar mahadev mandir - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में जैतपुर स्थित कुनकेश्वर धाम में मकर संक्रांति के दिन से ऐतिहासिक पांच दिवसीय मेले का आयोजन होता है। कुनकेश्वर धाम में आयोजित होने वाले इस मेले को लेकर कई धार्मिक महत्व के साथ भगवान शिव के कई चमत्कार जुड़े हुए हैं। या फिर यूं कहें कि इस कुनकेश्वर धाम की खोज ही एक स्वप्न रूपी चमत्कार से हुई है। जहां आधी सदी पूर्व भगवान शिव एक कोतवाल के स्वप्न में आए और उसके बाद से ही इस स्थान में उनकी पूजा अर्चना और मेले की शुरुआत हुई।

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कोतवाल की पूजा से होती है मेले की शुरुआत 
कुनकेश्वर धाम में लगने वाले इस पांच दिवसीय मेले की खास बात यह है कि इस इलाके के कोतवाल (थानेदार) पहले कुनकेश्वर धाम में पूजा अर्चना करते हैं और फिर उसके बाद वहां के लोग पूजा अर्चना करते हैं, और फिर इस भव्य मेले की शुरुआत हो जाती है।

ऐसे हुई कुनकेश्वर धाम की खोज
आखिर इस कुनकेश्वर धाम की खोज कैसे हुई, इसके पीछे भी चमत्कार की कहानी है। आपको बता दें कि यह कुनकेश्वर धाम कुनुक नदी में स्थित है, जहां 12 फीट नीचे अर्धनारीश्वर रूप में शिवलिंग स्थापित है, जहां नदी में पानी कम होने के बाद मकर संक्रांति के समय में यहां साफ सफाई की जाती है और पूजा के लिए पूरी व्यवस्था बनाई जाती है।
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कुनकेश्वर धाम के पुरोहित विजय शर्मा बताते हैं कि साल 1973 में उस दौर में क्षेत्र के कोतवाल को एक सपना आया था, जिसमें भगवान शिव ने कोतवाल को स्वप्न में बताया कि मैं कुनुक नदी के बीचो-बीच गहराई में विराजमान हूं। यह बात कोतवाल ने पूर्व राजा को बताई जिसके बाद पूर्व नरेश ने कहा कि उन्हें भी कुछ ऐसा ही सपना आया है और फिर कुनुक नदी के बीच में 12 फीट गड्ढा कराया गया तो वहां एक शिवलिंग निकला, जो अर्धनारीश्वर थे। जिसके बाद से ही यह क्षेत्र कुनकेश्वर धाम के नाम से प्रसिद्ध हो गया।

पंच दिवसीय लगता है मेला
उसी दौर से जैतपुर क्षेत्र के इस कुनुक नदी में स्थित कुनकेश्वर धाम में ये परंपरा बन गई कि मकर संक्रांति के दिन यहां भव्य पूजा पाठ किया जाता है, और फिर पांच दिवसीय मेले की शुरुआत होती है, जिसमें आसपास के क्षेत्र से काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

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