मैहर में वन विभाग ने वन्यजीव शिकार और तस्करी के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से नाखून, दांत और हड्डियां बरामद हुईं। तीन आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी पर ₹2,000 का इनाम घोषित किया गया है।
मैहर वनमंडल के मैहर परिक्षेत्र की सढेरा बीट के ग्राम भदनपुर दक्षिण पट्टी में करंट लगाकर वन्यजीवों का शिकार करने और उनके अंगों की अवैध तस्करी के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। न्यायालय ने सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए 28 और 29 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, मामले के तीन आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी पर वन विभाग ने ₹2,000 के नगद इनाम की घोषणा की है।
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वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
वन विभाग ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 201/04 दर्ज किया है। उनके विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित अधिनियम-2022) की धारा 9, 39, 2(16), 2(20), 51 और 52 के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में केशरबाई केवट, शिव प्रसाद केवट, फूल कुमार केवट (तीनों निवासी भदनपुर दक्षिण पट्टी) तथा सुरेंद्र सिंह उर्फ भैया (निवासी सोनवारी) शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
तेंदुए या बाघ के अवशेष मिलने की आशंका
जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से वन्यजीवों के नाखून, दांत और हड्डियां बरामद हुई हैं। प्रारंभिक जांच में जब्त किए गए नाखून और दांत तेंदुए के प्रतीत हो रहे हैं, जबकि बरामद हड्डियां तेंदुए अथवा बाघ की होने की आशंका है। हालांकि, वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी बरामद अवशेषों को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित वन्यजीव प्रजाति की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
तीन आरोपी अब भी फरार
वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) विद्याभूषण मिश्रा के अनुसार, मामले में जलमेश केवट (भदनपुर दक्षिण पट्टी), विनोद सिंह पटेल (सोनवारी) और अनिल सिंह पटेल (हरदासपुर) अभी फरार हैं। वन विभाग ने इन तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी में सहयोग करने वाले व्यक्ति को ₹2,000 का नगद इनाम देने की घोषणा की है। विभाग ने कहा है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। वन विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही, मामले से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों और पूरे नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।