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Maheshwar News: रिचर्ड शिवाजी राव होलकर को जिला कोर्ट में होना होगा पेश, इंदौर हाईकोर्ट ने दिए आदेश

Mon, 06 Oct 2025 12:41 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महेश्वर

सार

हाईकोर्ट इंदौर ने अब होलकर की याचिका मंजूर कर वारंट खारिज कर दिया और आदेश दिया कि वह 7 अक्टूबर को ट्रायल कोर्ट में पेश हों। मामला अहिल्या फोर्ट महेश्वर के हेरिटेज होटल में संचालित रेस्टोरेंट से जुड़ा है।
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शिवाजीराव होलकर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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होलकर राजवंश के रिचर्ड शिवाजी राव होलकर खाद्य सुरक्षा एक्ट मामले में उलझे हुए हैं। आठ साल पुराने इस केस में जिला कोर्ट ने उनका गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। जिला कोर्ट ने उनकी गैर हाजिरी आवेदन को खारिज करते हुए तीन जुलाई को गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था। इस मामले में रिचर्ड होलकर ने हाईकोर्ट इंदौर में अपील लगाई थी। अब इसमें हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए हैं।

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हाईकोर्ट ने यह दिए आदेश
हाईकोर्ट इंदौर ने होलकर की याचिका को मंजूर कर लिया है। होलकर ने कहा था कि यह गिरफ्तारी वारंट गलत जारी हुआ है और वह कोर्ट में पेश होने के लिए तैयार हैं। जिला कोर्ट ने ही साल 2019 में उन्हें पेश होने से छूट दी थी। फिर 28 जून 2025 को पेश होने के आदेश दिए और 3 जुलाई को पेश नहीं होने पर गैर हाजिरी आवेदन खारिज कर गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया, जबकि इस दौरान वह विदेश में थे। सभी तर्कों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने तीन जुलाई के आदेश को खारिज कर दिया और होलकर को आदेश दिए कि वह सात अक्तूबर को संबंधित ट्रायल कोर्ट में पेश हों। होलकर ने कोर्ट में यह भी कहा कि जिस तरह रेस्टोरेंट पर फूड सेफ्टी एक्ट के तहत केस बना है, वह उनकी जगह पर है लेकिन वह अन्य द्वारा संचालित है।

रेस्टोरेंट की मंजूरी नहीं दिखा पाए मैनेजर
खाद्य सुरक्षा विभाग टीम ने साल 2017 में यहां पर कलेक्टर खरगोन के आदेश पर जांच की थी। खाद्य सैंपल भी लिए गए। कंपनी के मैनेजर पीके नायर से जब रेस्टोरेंट की मंजूरी मांगी तो वह नहीं दे पाए। इसके लिए दो बार रिमाइंडर भी दिया गया, लेकिन वह पेश नहीं कर सके। न ही शासन के रिकार्ड में कोई मंजूरी पाई गई। इस पर तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी मयूरी डोंगरे के साथ गई टीम तहसीलदार मनोज चौरसिया, अनिल कुमार जैन सहायक आपूर्ति अधिकारी, प्रीति राठौर, सुशील पाठक व अन्य ने इसमें खाद्य सुरक्षा मानक एक्ट 2006 की धारा 31 (1) सहपठित धारा 63 का केस बना दिया। इसमें कंपनी मैनेजर पीके नायर, मैनेजर टाइगर टाप कल्चर्ड एंड एडवेंचर टूर्स प्राइवेट लिमिटेड, अहिल्या फोर्ड राजवाड़ा, महेश्वर, कर्नल डॉक्टर केएस एठानी जनरल मैनेजर के साथ कंपनी टाइगर टाप कल्चर्ड एंड एडवेंचर टूर्स प्राइवेट लिमिटेड को भी आरोपी बनाया। रिचर्ड होलकर कंपनी डायरेक्टर नाते सह अभियुक्त बने।
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रिचर्ड होलकर-अहिल्या फोर्ट महेश्वर के रेस्टोरेंट का है मामला
मां अहिल्या देवी ने महेश्वर में राजधानी बनाई थी और वहां किला भी बनाया गया था। अब यह किला हैरीटेज होटल में तब्दील है। यहां पर कंपनी टाइगर एंड कल्चर्ड एंड एडवेंचर टूर्स प्रालि द्वारा मैनेजमेंट देखा जाता है और रेस्टोरेंट का भी संचालन किया जाता है। इस कंपनी के डायरेक्टर रिचर्ड होलकर हैं।

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सात्विक धरोहर पर आधुनिक व्यावसायिकता का धब्बा
देवी अहिल्याबाई होलकर की पवित्र नगरी महेश्वर में मांसाहार और शराब परोसे जाने का मामला विवाद का विषय बना है। अहिल्या फ़ोर्ट महेश्वर में संचालित हेरिटेज होटल में मांसाहार और शराब परोसे जाने का मामला एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। हाल ही में हाईकोर्ट द्वारा रिचर्ड शिवाजी राव होलकर को जिला अदालत में पेश होने के निर्देश दिए हैं। मां अहिल्या बाई होलकर, जिन्होंने जीवनभर सात्त्विकता और उपवास का पालन किया, उनकी वही राजगद्दी आज विदेशी पर्यटकों के लिए व्यावसायिक केंद्र में बदल चुकी है। जिस स्थान से मां अहिल्या ने न्याय, सेवा और धर्म की परंपरा स्थापित की, वहीं अब मांसाहार और मदिरा का परोसा जाना श्रद्धालुओं के लिए गहरी वेदना का विषय बन गया है।

पांच से दस किलोमीटर तक शराब और मांसाहार पर प्रतिबंध 
धार्मिक दृष्टि से भी यह क्षेत्र अति पवित्र माना जाता है। नर्मदा तट पर शासन द्वारा पांच से दस किलोमीटर तक शराब और मांसाहार पर प्रतिबंध है, किंतु उसी सीमा के भीतर स्थित इस होटल को नॉनवेज परोसने का लाइसेंस दिया जाना स्वयं में प्रश्नचिह्न है। मां अहिल्या के पूजा स्थल, शिवलिंग की आराधना भूमि और ऐतिहासिक राजवाड़ा परिसर में इस प्रकार की गतिविधियां न केवल असंवेदनशील हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक आस्था के भी प्रतिकूल हैं।

सात्विक वातावरण बनाए रखना हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी
स्थानीयजनों और श्रद्धालुओं का कहना है कि हैरिटेज होटल का उद्देश्य हमारी धरोहर और संस्कृति का संरक्षण होना चाहिए था, न कि संस्कृति के विपरीत जाकर व्यावसायिकता को बढ़ावा देना। इतिहास, धर्म और परंपरा से जुड़ी इस पवित्र भूमि पर सात्विक वातावरण बनाए रखना हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है।
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शराब का चलन अमानवीय और असंवेदनशील 
महेश्वर केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि भारतीय नारी नेतृत्व, मर्यादा और सेवा भाव की जीती-जागती प्रतीक भूमि है। ऐसे में मां साहब की गादी पर मांसाहार और शराब का चलन अमानवीय और असंवेदनशील है। शासन और प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि वह इस विषय पर संज्ञान लेकर मां अहिल्या की धरोहर और उनकी सात्त्विक परंपरा की रक्षा सुनिश्चित करें।

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