मध्यप्रदेश में संतों को राज्यमंत्री बनाये जाने के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने इस मामले में 3 हफ्तों में स्थिति साफ करने के लिए कहा है। आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने कंप्यूटर बाबा समेत 5 संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। जिसकी वजह से शिवराज सरकार को चौतरफा विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
आपको बता दें कि कंप्यूटर बाबा ने 26 फरवरी 2018 को नर्मदा घोटाले की शिकायत पीएमओ में की थी। पूर्व कांग्रेस पार्षद पंडित योगेंद्र महंत के साथ मिलकर वह 1 अप्रैल को घोटाला अभियान लॉन्च करने वाले थे लेकिन 31 मार्च को ही राज्य सरकार ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया।
सरकार ने नदी संरक्षण के लिए एक समिति की स्थापना की और कंप्यूटर बाबा, महंत और तीन अन्य साधुओं को राज्य मंत्री बनाकर इसका सदस्य बना दिया था। राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के 24 घंटे के अंदर ही कंप्यूटर बाबा और पंडित योगेंद्र महंत ने घोटाला अभियान को वापस लेने की घोषणा कर दी थी।