मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में जयसिंह नगर थाना पुलिस ने एक महिला को इतना प्रताड़ित किया कि उसे रिश्वत चुकाने के लिए अपने पायल गिरवी रखने पड़े। इसकी शिकायत होने पर जयसिंहनगर थाना प्रभारी नरबद सिंह धुर्वे को लाइन अटैच किया गया है। साथ ही एएसआई गुलाब सिंह को निलंबित किया गया है।
मामला अगस्त 2021 का है। करकी गांव की मीरा बाई कोल ने गांव के एक व्यक्ति पर मारपीट का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया। पुलिस को शिकायत में उसने अपना नाम मीरा बाई बैगा बताया था। इस आधार पर एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्यवाही हुई। इस तरह के मामलों में जांच के दौरान फरियादी को जाति प्रमाण पत्र देना होता है। उसने कोल जाति का प्रमाण पत्र दिया। दरअसल, मीरा मूलतः बैगा है और उसका पति कोल। इस तरह के मामलों में पिता का जाति प्रमाण पत्र देखा जाता है, पति का नहीं।
पुलिस ने इसमें आपत्ति दर्ज कराई कि नाम बैगा लिखवाया और प्रमाण पत्र कोल जाति का कैसे? महिला ने पुलिस के माध्यम से ही एसडीएम कोर्ट में बैगा जाति का प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। एसडीएम कोर्ट ने उसका आवेदन निरस्त कर दिया। तब से प्रकरण अधर में लटका था।
सीएम हेल्पलाइन में की गई शिकायत
मीरा बाई ने जाति प्रमाण पत्र न बनने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में की थी। उधर, जाति प्रमाण पत्र न होने की वजह से पुलिस उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रही थी। महिला ने बताया कि पुलिस अधिकारी बार-बार रुपये मांग रहे थे। तब उसने पायल गिरवी रखकर पांच हजार रुपये रिश्वत दी। इसके बाद भी उसका जाति प्रमाण पत्र नहीं बना। मामले में एससी-एसटी एक्ट धाराएं नहीं लगाई गई। पुलिस के अधिकारी 10 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे थे। एसपी को शिकायत मिलने पर उसने जांच कर कार्रवाई की।