ग्रामीणों ने कलेक्टर को भी लिखित आवेदन देकर इस गड़बड़ी से अवगत कराया है।
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पंचायत चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। छतरपुर जिले के लवकुशनगर विकासखंड की ग्राम पंचायत देवरी में आदिवासी परिवार नहीं है, लेकिन इस पंचायत की सरपंच सीट आदिवासी महिला के लिए आरक्षित कर दी गई है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को भी लिखित आवेदन देकर इस गड़बड़ी से अवगत कराया है।
जानकारी मुताबिक ग्राम पंचायत की आरक्षण प्रक्रिया 25 मई को संपन्न हुई थी। जिसमें लवकुशनगर की ग्राम पंचायत देवरी का सरपंच पद सामान्य अनारक्षित के लिए आरक्षित होने की सूची प्रकाशित हुई। 30 मई को जब सरपंच पद के दावेदार नामांकन फॉर्म लेने गए जब उन्हें झटका लगा कि कलेक्टर के 30 मई के आदेश में ग्राम पंचायत देवरी को आदिवासी महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है।
रोचक तथ्य है कि इस ग्राम पंचायत में कुल 1236 मतदाता हैं जिसमें केवल एक आदिवासी महिला मतदाता है और वह भी शासकीय शिक्षक है। अब जिस गांव में आदिवासी वोटर नहीं हैं वहां सरपंच का पद आदिवासी महिला के लिए किस आधार पर आरक्षित कर दिया गया। महत्वपूर्ण है कि अब इस गांव में निर्वाचन कैसे संभव होगा।
ग्रामीणों ने इस संदर्भ में छतरपुर कलेक्टर को आवेदन भी सौंपा है। इस तरह के मामले आरक्षण प्रक्रिया को संदिग्ध कर देते हैं।