मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में पुलिस विभाग में आरक्षक भर्ती के फिजिकल टेस्ट में रोजगार पंजीयन खत्म होने के कारण अपात्र घोषित किए जाने के चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल घगट ने शनिवार को आयोजित होने वाले फिजिकल टेस्ट में शामिल करने की अंतिम राहत प्रदान की है। युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी करते हुए अपने आदेश में कहा है कि नियुक्तियां याचिका के अंतिम आदेश के अधीन रहेंगी।
याचिकाकर्ता मोहम्मद फैजान सहित अन्य 9 की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि पुलिस विभाग में आरक्षक भर्ती के लिए साल 2020 में नोटिफिकेशन जारी किया गया था। आवेदन में रोजगार पंजीयन का कॉलम दिया गया था। जुलाई 2020 में उनके रोजगार पंजीयन की तिथि समाप्त हो गई थी। कोरोना काल के कारण कार्यालय बंद था और वेबसाइट भी क्रेश हो गई थी। जिसके कारण वे नामांकन रिन्यू नहीं करवा पाए।
आवेदन में उन्होंने इसका उल्लेख किया था और उन्हें लिखित ऑनलाइन परीक्षा में शामिल किया गया था। लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद दस्तावेजों की जांच में उन्हें रोजगार पंजीयन नहीं होने के कारण अपात्र घोषित कर दिया। याचिका की सुनवाई के बाद एकलपीठ को बताया गया कि चयन के लिए ओपन परीक्षा का आयोजन किया गया था। वर्तमान में याचिकाकर्ताओं ने नया रोजगार नामांकन बनवा लिया है। याचिका की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिक्ता अमृतकौर रूपराह ने पैरवी की।