ग्रामीणों के मुताबिक, मंगलवार (1 जून) को चाटूखेड़ा मंदिर परिसर में दोपहर करीब 12 बजे गांव की दो महिलाओं ने अपने शरीर में देवपरियों के आने की अफवाह फैला दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में भीड़ एकजुट हो गई। सैकड़ों महिला-पुरुष मंदिर परिसर के बाहर इकट्ठे हो गए।
बताया जा रहा है कि उन देवपरियों ने ग्रामीणों से अपने ऊपर पानी के छींटे देकर मंदिर का जल पीने को कहा। उन्होंने दावा किया कि यह जल पी लो। किसी को कोरोनावायरस छू भी नहीं सकेगा। इसके अलावा जो लोग कोरोना संक्रमित हैं, वे बिल्कुल ठीक हो जाएंगे। उन्हें दोबारा कभी कोरोना नहीं होगा।
जानकारी के मुताबिक, यह खबर पूरे कस्बे सहित आग की तरह फैल गई। दोपहर तक सैकड़ों लोग वहां एकजुट हो गए। अंधविश्वास इस कदर सिर पर चढ़ा कि लोग में कोरोना का खौफ बिल्कुल नजर नहीं आया। लोगों ने जल पीने के दौरान न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया। इसके अलावा लोग बिना मास्क लगाए नजर आए।
यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो पुलिस टीम गांव में पहुंच गई। लोगों की भीड़ को बमुश्किल हटाया गया। इसके बाद पुलिस ने अंधविश्वास फैलाकर भीड़ को इकट्ठा करने के मामले में दो महिलाओं और दो पुरुषों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। वहीं, गांव में मुनादी करके लोगों को समझाया।