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मध्य प्रदेश: कॉलर वाली बाघिन ने ली अंतिम सांस, एक साथ 5 शावकों के साथ 29 बच्चों को जन्म देकर बना चुकी विश्व कीर्तिमान

Sun, 16 Jan 2022 12:56 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी

सार

मध्य प्रदेश के पेंच नेशनल पार्क सिवनी की कॉलर वाली बाघिन ने शनिवार शाम अंतिम सांस ली। उसकी उम्र तकरीबव सत्रह साल बताई गई है। 17 साल की यह बाघिन पिछले तीन-चार दिनों से बीमार चल रही थी।
 
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Seoni: कॉलरवाली बाघिन ने बीमारी के बाद दम तोड़ दिया - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के पेंच नेशनल पार्क सिवनी की कॉलर वाली बाघिन ने शनिवार शाम अंतिम सांस ली। उसकी उम्र तकरीबव सत्रह साल बताई गई है। 17 साल की यह बाघिन पिछले तीन-चार दिनों से बीमार चल रही थी।

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मध्यप्रदेश को टाइगर्स स्टेट का दर्जा दिलाने में 29 शावकों को जन्म देने वाली कॉलर वाली बाघिन की भूमिका अहम थी। कॉलर वाली बाघिन का जन्म सितम्बर 2005 में हुआ था। इस बाघिन ने सबसे पहले 2006 में तीन शावकों को जन्म दिया था, लेकिन बारिश के चलते तीनों शावकों की मौत हो गई थी। इसके बाद उसी साल बाघिन ने फिर चार शावकों को जन्म दिया था।

अगले क्रम में भी पांच शावकों को जन्म दिया था। बाघिन ने इसके बाद लगातार दो बार तीन-तीन शावकों को जन्म दिया और अप्रैल 2015 में चार और नन्हे शावकों को जन्म देकर पेंच की सर्वाधिक 22 शावकों को जन्म देने वाली बाघिन बन चुकी थी। 2017 में बाघिन ने चार और शावकों को जन्म दिया था। इसी साल जनवरी में चार शावकों को जन्म दिया था।  
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एक साथ पांच शावकों को जन्म देने का रिकॉर्ड भी कॉलर वाली बाघिन के नाम ही दर्ज है। सबसे ज्यादा बच्चों को जन्म देने का रिकॉर्ड पहले रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में 23 शावकों को जन्म देने वाली मछली बाघिन के नाम बताया जाता था। मार्च 2008 में गले में कॉलर लगा होने के कारण इस बाघिन का नाम कॉलरवाली बाघिन पड़ा। पेंच टाइगर रिजर्व में कॉलर वाली बाघिन को 11 मार्च 2008 को बेहोश कर देहरादून के विशेषज्ञों ने रेडियो कॉलर पहनाया उसकी मां को टी-7 बाघिन (बड़ी मादा) और पिता को चार्जर के नाम से जाना जाता था।
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