मध्य प्रदेश का वल्लभ भवन (भोपाल)
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मध्य प्रदेश में 53 विभागों के गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी पिछले 6 साल से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पदों पर पदोन्नत नहीं हो सके है। इस संबंध में मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस को पत्र लिखकर मौका देने की गुहार लगाई है।
मप्र राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रांताध्यक्ष इंजी डीके यादव ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में भारत सरकार के दिसंबर 2020 के राज्य सरकारों को लिखे पत्र का उल्लेख किया है। इस पत्र में भारत सरकार ने आईएएस में पदोन्नति के लिए राज्य प्रशासनिक सेवा और गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अलग-अलग पदों की गणना कर प्रस्ताव भेजने को कहा है। मध्य प्रदेश में राजपत्रित अधिकारी वर्ग नॉन डिप्टी कलेक्टर से आईएएस बनने के लिए कुल 19 पद है, जिसमें से अभी सिर्फ 2 अधिकारी ही कार्यरत है। प्रदेश में 17 पद उपलब्ध है।
यादव ने लिखा कि भारत सरकार के संबंधित पत्र का प्रदेश में 2015 तक पालन किया गया। इसके बाद से अब तक राज्य के गैर प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के पदोन्नति के कोटे की सीट भी राज्य के प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को आवंटित कर दी गई। इसके चलते प्रदेश के 53 विभागों के गैर राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को आईएएस बनने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। यादव ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से 2020-21 में आईएएस के पदोन्नति के उपलब्ध पदों में विभिन्न विकास विभागों में कार्यरत गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को भी अवसर देने की मांग की है।
यह है नियम
राज्य प्रशासनिक सेवा के 439 अधिकारियों का कैडर है। इसमें से 33 पद पदोन्नति से भरे जाने का नियम है। इनमें से 15 प्रतिशत पद गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से भरने का नियम बनाया गया है।
कई अधिकारी अपात्र हो गए
गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को आईएएस के पदों पर पदोन्नत करने के लिए आयु सीमा 56 साल निर्धारित है। ऐसे में लंबे समय से आवेदन नहीं मंगाने से कई योग्य अधिकारी आयुसीमा पूरी करने से अयाेग्य हो गए है।
जीएडी के अधिकारियों का जवाब
सामान्य प्रशासन विभाग की प्रमुख सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने कहा कि 15 प्रतिशत पद गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से भरने का नियम है। लेकिन नियम में यह भी है कि यह सरकार तय करेगी कि कि राज्य प्रशासन सेवा और गैर राज्य प्रशासनिक सेवा से कितने पद भरने है।