इंदौर में प्रसूता से वीडियो कॉल पर बात करते स्वास्थ्य मंत्री
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शहर के शासकीय प्रकाशचंद्र सेठी अस्पताल में सोमवार को उस समय प्रसूताएं हैरान हो गईं जब मप्र के स्वास्थ्य मंत्री ने उनसे वीडियो कॉल पर बात की। मंत्री ने प्रसूताओं से उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा और स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। हालांकि यह भी कहा गया कि इस वीडियो कॉल प्रोग्राम के पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने पूरी पटकथा तैयार कर ली थी और व्यवस्थाओं को दुरुस्त दिखाने की तैयारी की थी।
जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने इंदौर के शासकीय प्रकाशचंद सेठी अस्पताल में हितग्राहियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात की। सबसे पहले 120 बिस्तर वाले अस्पताल के प्रसूति वार्ड में इंदौर की चंदन नगर निवासी 23 वर्षीय रुखसार सलमान से बात की। उन्होंने रुखसार के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेते हुए पूछा कि वह अस्पताल क्यों आई है? इस पर रुखसार ने बताया कि वह प्रसूति हेतु आई है। मंत्री डॉ. चौधरी ने पूछा कि अस्पताल कैसे आई तो रूखसार ने बताया कि वह सुबह 6 बजे के लगभग एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल आईं और उन्होंने बेटी को जन्म दिया है। मंत्री ने लक्ष्मी के आगमन पर बधाई दी और प्रसव पूर्व जांच, अस्पताल की व्यवस्था, स्टाफ के व्यवहार, सेवाओं हेतु शुल्क लेने के संबंध में बात की। रुखसार ने बताया कि प्रसव पूर्व उसकी पूरी जांचें हुई हैं। वार्ड साफ-सुथरा है। चादरें बदली जाती हैं। स्टाफ का व्यवहार अच्छा है। किसी भी तरह के पैसे नहीं लिए गए हैं। नाश्ते में चाय, बिस्किट एवं केला मिला है। मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि उन्हें लड्डू भी मिलेंगे।
कोरोना की स्थिति नियंत्रण में, गंभीर मरीज नहीं
मंत्री डॉ. चौधरी ने पवनपुत्र नगर इंदौर की 20 वर्षीय सपना से बात की। सपना को पहला बेटा होने पर मंत्री डॉ. चौधरी ने बधाई दी तथा यह जाना कि वह अस्पताल कैसे आई है। इस पर सपना ने कहा कि वह एम्बुलेंस की सहायता से आई है। प्रसव पूर्व जांच के बारे में जानने पर सपना ने कहा कि उसकी तीन जांचें हुई हैं और अस्पताल की व्यवस्थाओं से पूरी तरह संतुष्ट है। उसे दवाई, लड्डू, भोजन आदि समय पर मिल रहा है, वह भी निःशुल्क। मंत्री डॉ. चौधरी ने सपना से संबल कार्ड के बारे में पूछा। इस पर सपना ने कहा कि वह संबल के लिए पात्र हितग्राही नहीं है, पर उसे जननी सुरक्षा योजना के एक हजार रुपये मिलेंगे। स्टाफ के व्यवहार से वह पूर्णतः संतुष्ट है। मरीज के बारे में जानकारी हेतु वार्ड में उपस्थित चिकित्सक से भी मंत्री डॉ. चौधरी ने बात की और उनकी जानकारी ली। अन्य मरीजों से भी मंत्री चौधरी ने बता की। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएस सैत्या एवं सिविल सर्जन डॉ. संतोष वर्मा से बात कर जिले की चिकित्सा व्यवस्थाओं के संबंध में एवं कोविड की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस पर अधिकारियों ने जवाब दिया कि स्थिति पूर्णतः नियंत्रण में है, गंभीर मरीज नहीं हैं। पॉजिटिव मरीजों के प्रकरण में उल्लेखनीय कमी पाई गई है।