मध्य प्रदेश में जनजाति कल्याण विभाग में घूसखोरी के दो मामले सामने आए हैं। जबलपुर की लोकायुक्त पुलिस ने छिंदवाड़ा और मंडला में एक साथ कार्यवाही की और दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्यालय में लेखापाल संगीता झाड़े को 25 हजार रुपये और मंडला में कंप्यूटर ऑपरेटर मनीष परते को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है।
छिंदवाड़ा की अमरवाड़ा तहसील के लहंगडुआ में रहने वाले गंगाराम सूर्यवंशी आदिवासी बालक छात्रावास सोनपुर में चपरासी है। उनके बेटे नीलेश सूर्यवंशी ने सेवा पुस्तिका में जन्मतिथि सुधारने का आवेदन दिया था। इस पर संगीता झाड़े ने उससे 80 हजार रुपये की मांग की थी। पहली किस्त के तौर पर जैसे ही 25 हजार रुपये मंगलवार को दिए गए, लोकायुक्त पुलिस ने अधिकारी को पकड़ लिया।
वहीं, मंडला की टिकरिया तहसील में रहने वाले पवन झारिया का व्यापमं की शिक्षक वर्ग-2 परीक्षा में चयन हुआ था। इसका नियुक्ति आदेश जारी करने के लिए जनजाति कल्याण विभाग के संभागीय उपायुक्त कार्यालय में सहायक ग्रेड-3 कंप्यूटर ऑपरेटर मनीष परते ने 5 हजार रुपये की मांग की थी। इस पर कार्यवाही करते हुए परते को रंगे हाथ पकड़ा गया।
रीवा में आरआई रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद
रीवा में रेवेन्यू इंस्पेक्टर हंसराज सिंह पटेल को 7 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए कैमरे ने कैद कर लिया है। जमीन के नक्शे से जुड़ी कार्यवाही करने के लिए आरआई ने 7 हजार रुपये की मांग की थी। फरियादी ने आरआई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हनुमान तहसीलदार ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।