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ग्वालियर सांसद शेजवलकर ने मेयर पद से इस्तीफा दिया, कुर्सी पर कांग्रेस की नजर

Wed, 05 Jun 2019 01:51 PM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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Gwalior MP Shejwalkar - फोटो : Social Media
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ग्वालियर से लोकसभा चुनाव लड़ने और कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह को हरा कर सांसद बने विवेक नारायण शेजवलकर ने ग्वालियर नगर निगम के महापौर पद से इस्तीफा दे दिया। बुधवार को उन्होंने संभागायुक्त बीएम शर्मा को अपना इस्तीफा सौंपा। भाजपा सांसद के इस्तीफे के बाद लोकसभा चुनाव में हारी कांग्रेस की नजर अब मेयर की कुर्सी पर है। 

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चूंकि मेयर और सांसद दोनों ही पद लाभ की श्रेणी में आते हैं, इसलिए उन्हें एक पद छोड़ना था। बताया जा रहा है कि प्रदेश में नवंबर में नगर निकाय के चुनाव हो सकते हैं। ऐसे में कुछ वक्त के लिए सही, सबकी निगाहें मेयर की कुर्सी पर बनी हुई है। 

विवादों को लेकर घेरती रही है कांग्रेस 

शेजवलकर का महापौर पद पर यह दूसरा कार्यकाल है। 2005 से 2009 तक वह पहली बार इस पद पर रहे थे। शहर में जल संकट के समाधान के लिए उनके पहले कार्यकाल में 110 करोड़ की एडीबी योजना से काम हुआ था। 772 करोड़ की अमृत मिशन योजना से सीवर और पानी की समस्या के समाधान का काम भी चल रहा है। एडीबी और अमृत योजना विवादों में घिरी रही है। इन सारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कांग्रेस उन्हें घेरती रही है।
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निगम परिषद की नियमों के तहत बैठकें न बुलाने, कर्मचारियों के स्थाईकरण सहित अन्य अनियमितताओं के आरोप में कांग्रेस सरकार ने उन्हें नोटिस भी दिया था। शेजवलकर इसके विरोध में हाईकोर्ट भी गए लेकिन राहत नहीं मिली।

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मेयर की कुर्सी के लिए अब आगे क्या होगा

नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा 21(1) के तहत जैसे ही मेयर का पद खाली होता है, तो राज्य सरकार, चुनाव आयोग को तत्काल सूचित करेगी। इस प्रकार निर्वाचित व्यक्ति यथास्थिति शेष कार्यकाल के लिए मेयर बनेगा। लेकिन यदि किसी नगर पालिका  की शेष कालावधि छह माह से कम है तो ऐसी रिक्ति नहीं भरी जाएंगी।

इसी तरह 21(2) के तहत जब तक उपधारा(1) के अधीन मेयर पद नहीं भरा जाए, तब तक के लिए मेयर के सारे अधिकार और कर्तव्य ऐसे निर्वाचित पार्षद द्वारा पालन किए जाएंगे, जैसा कि राज्य सरकार इस काम के लिए निर्दिष्ट करे। ग्वालियर में नगर निगम चुनाव चूंकि इसी साल नवंबर में होना हैं और इसके लिए समय छह माह से कम बचा है, इसलिए मेयर पद के लिए फिलहाल चुनाव नहीं कराया जा सकेगा।

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