एमपी में डब्ल्यूसीडी कर्मचारी हड़ताल पर
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महिला एवं बाल विकास (WCD) विभाग के परियोजना अधिकारी और सुपरवाइजर के संयुक्त मोर्चा की 7 सूत्रीय मांगों का आंदोलन जारी रहेगा। सोमवार को विभाग के अधिकारियों से बातचीत में सहमति नहीं बन सकी। मोर्चा ने विभागीय कार्यों के बहिष्कार और कलम बंद हड़ताल के लिए विवश होने की बात कही है।
प्रदेश के सभी जिला और संभागीय मुख्यालयों में बड़ी संख्या में महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी और सुपरवाइजर एकत्र हुए और मुख्यमंत्री के नाम से कलेक्टर, कमिश्नर, विभाग के आला अधिकारियों को अपनी मांगो का ज्ञापन सौंपा। मुख्य मांग जिसमे परियोजना अधिकारी को आहरण संवितरण अधिकार देने, सुपरवाइजर और परियोजना अधिकारी के वेतन विसंगति दूर करने, संविदा सुपरवाइजर के नियमितीकरण करने जैसे मुद्दे शामिल थे। महिलाओं और बच्चों से संबंधित योजनाओं के ठप्प होने की आशंका से घबराएं विभाग के आला अफसरों ने आनन-फानन में संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों को सोमवार को चर्चा के लिए संचालनालय बुलाया।
लगभग 2 घंटे चली बैठक में विभाग के आला अधिकारियों ने मांगों को टाल दिया। मुख्य मांगो पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं होती देख संयुक्त मोर्चा ने हड़ताल स्थगित करने पर असहमति जाहिर कर दी। जिसके बाद संचालनालय महिला बाल विकास विभाग में चली बैठक बेनतीजा समाप्त हो गई। परियोजना अधिकारी और सुपरवाइजर दोनों संघो के अध्यक्ष ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि जब तक विभाग हमारी मांगे नहीं मानता तब तक हड़ताल जारी रहेगी।