बिछड़े सब बारी बारी किताब का विमोचन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं अन्य ने किया।
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि कोरोना काल में दिवंगत पत्रकारों पर केंद्रित यह पुस्तक फिर न लिखनी पड़े, ऐसे प्रयास हों। तीसरे लहर की आशंका के मद्देनजर मीडिया जागरूकता प्रसार की भूमिका का पुनः निर्वाह करे। प्रत्येक व्यक्ति को मास्क लगाने के लिए प्रेरित करना है। यह बचाव का प्रभावी माध्यम है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा के मानसरोवर सभागार में "बिछड़े कई बारी बारी" पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक उन करीब 100 पत्रकारों पर लिखी है, जिनकी कोरोना काल में असमय मौत हो गई। किताब उन पत्रकारों के योगदान पर आधारित है। मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि थे और कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा स्पीकर गिरीश गौतम ने की। आयोजन ग्रामीण पत्रकारिता विकास संस्थान ने किया। कार्यक्रम में कमलनाथ, संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, प्रदेश के पूर्व मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह पुस्तक के लेखक देव श्रीमाली और सूत्रधार रविंद्र जैन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर भयावह थी। हम गहरी वेदना के दौर से गुजरे हैं। मृत्यु अवश्यंभावी है। जब कोई जाता है तो टीस छोड़कर जाता है। कुछ ऐसे व्यक्तित्व होते हैं, जो सदैव याद आते हैं।