आज नरका चतुर्दशी है और आज ही के दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर को मारकर 16,000 कन्याओं को मुक्त करवाया था और उन्हें अपना नाम दिया था ताकि समाज में उनकी पहचान हो सके और उन्हें भी सजने-संवरने का एक कारण दिया जा सके।
इंदौर के कृष्णा गुरुजी वेलफेयर सोसाइटी ने श्रीकृष्ण के इस काम को आगे बढ़ाया है और इंदौर की सेंट्रल जेल में महिला कैदियों को महिलाओं का आवश्यक सामान और अन्य सौंदर्यीकरण सामान दिए हैं। सोसाइटी की तरफ से जेलर लक्ष्ण सिंह भदौरिया की उपस्थिति में यह सामान महिलाओं को दिया गया।
कृष्णा गुरुजी वेलफेयर सोसाइटी की तरफ से यह अनूठा और अहम कदम उठाया गया। ये सभी सामान भारती मंडलोई, मीता दास गुप्ता और वर्षा शर्मा की ओर से बांटा गया। जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने कहा कि अगर इस तरह त्योहारों में समाज का हिस्सा इन अपराधी महिलाओं को भी माना जाएगा तो निश्चित ही समाज अपराध मुक्त हो जाएगा।
इस कदम के पीछ इंदौर के कृष्णगुरुजी का विचार है जो मानते हैं कि ये महिलाएं अभी भी इस समाज का अभिन्न अंग हैं और इस कदम से महिलाओं को दोबारा समाज से जोड़ने में मदद मिलेगी। गुरुजी का कहना है कि कलयुग में काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार नामक के राक्षस हम सब के अंदर हैं। इन सभी राक्षसों से लड़ने के लिए हमारी सकारात्मक सोच ही हमारे कृष्ण हैं।