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एमपी के ये 6 हैं मोदी कैबिनेट की दौड़ में

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आम चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बाद मोदी के नेतृत्व में बनने वाली केंद्र सरकार में मंत्री पद के लिए मध्य प्रदेश के कई नेताओं का दावा मजबूत नजर आ रहा है।
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और हो भी क्यों न! आखिरकार राज्य ने कुल 29 में से 27 सीटें देकर मोदी और भाजपा की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका भी तो निभाई है। वैसे मोदी के सामने दुविधा तो होगी ही कि किसे मंत्रिमंडल में लें और किसे नहीं लें।

कम से कम दो को होंगे मंत्रिमंडल में

सुषमा स्वराज और सुमित्रा महाजन जैसी दो वरिष्ठ नेताओं के नाम मध्य प्रदेश से तय माने जा रहे हैं। नरेंद्र मोदी के सोचने के तरीके को देखा जाए तो दो स्थितियां बनती हैं।

एक, वह जातिगत समीकरणों के बजाय वह नतीजे लाने वाले नेताओं को ज्यादा महत्व दे सकते हैं। दो, वह जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों के साथ काबिलियत को भी ध्यान में रख सकते हैं। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश से मोदी के मंत्रिमंडल में ये नाम शामिल हो सकते हैं।

सुमित्रा महाजन और सुषमा स्वराज

इंदौर से लगातार नौ बार सांसद बनने वाली सुमित्रा महाजन अटल बिहारी वाजपेयी मंत्रिमंडल में पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय की राज्य मंत्री रही हैं। वह शायद पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस की कैबिनेट मंत्री बनना चाहें। लेकिन नरेंद्र मोदी शायद किसी तकनीकी जानकार को यह मंत्रालय सौंप सकते हैं। तब सुमित्रा महाजन को महिला व बाल विकास मिल सकते हैं।

सुषमा स्वराज की वरिष्ठता को देखते हुए मंत्री बनना तय है। सवाल विभाग का है। क्या वह सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) वाले मंत्रालयों (वित्त, विदेश, रक्षा और गृह) में से कोई हासिल कर पाएंगी? यदि वे सीसीएस वाले मंत्रालय नहीं मिलने की स्थिति पर राजी होती हैं तो फिर स्वास्थ्य मंत्रालय मिल सकता है, क्योंकि वाजपेयी मंत्रिमंडल में उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय संभाला है। मुरली मनोहर जोशी यदि मानव संसाधन मंत्रालय पर दावा नहीं ठोकते हैं तो सुषमा स्वराज को मानव संसाधन मंत्रालय भी दिया जा सकता है।

नरेंद्र सिंह तोमर और प्रहलाद सिंह पटेल

मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष तोमर का मंत्रिमंडल की एक सीट पर दावा होगा, लेकिन विभाग के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है। भाजपा में कोई भी नेता इस बारे में निश्चित रूप से कहने में सक्षम नहीं है। तोमर मंध्य प्रदेश में पंचायत मंत्री रहे हैं।

वाजपेयी मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री रहे प्रहलाद पटेल वैसे तो वरिष्ठ नेता हैं, उन्हें भाजपा के भारी संख्याबल में भी ओबीसी के तहत प्रतिनिधित्व मिल सकता है। उन्हें जल संसाधन जैसा मंत्रालय मिल सकता है। संस्कृति मंत्रालय में भी वह काम करना पसंद कर सकते हैं।
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फग्गन सिंह कुलस्ते और थावरचंद गहलोत

फग्गन सिंह कुलस्ते मध्य प्रदेश में भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेताओं में से एक हैं। उन्हें आदिवासी विकास अथवा सामाजिक न्याय जैसे किसी मंत्रालय की कमान सौंपी जा सकती है। वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं।

संगठन में अहम भूमिका निभाने वाले थावरचंद गहलोत को अनुसूचित जाति के कोटे में कोई प्रमुख मंत्रालय मिल सकता है। वह सामाजिक न्याय भी हो सकता है। गुजरात सीएम की चयन प्रकिया की निगरानी के लिए पार्टी ने उन्हें पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
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