मप्र पंचायत चुनाव की सुनवाई को लेकर अब 13 दिसंबर की तारीख दी गई है। शनिवार को इस मामले में सुनवाई होना थी, लेकिन कोर्ट ने तारीख बढ़ा दी है। ये याचिका कांग्रेस नेता सय्यद जाफर और जया ठाकुर की ओर से दायर की गई है।
इससे पहले मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी। करीब 40 मिनट चली सुनवाई के बाद चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया। कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग के उस तर्क को मान लिया, जिसमें कहा गया था कि एक बार निर्वाचन अधिसूचना जारी होने के बाद चुनाव स्थगित नहीं किया जा सकता। जिसके बाद कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थी।
दरअसल, कांग्रेस नेता सय्यद जाफर और जया ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर आरक्षण और परिसीमन की प्रकिया और कोरोना का हवाला देकर चुनाव टालने की मांग की है। लेकिन इस बीच सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की अगली तारीख दे दी है, अब याचिका पर 13 दिसंबर को सुनवाई होगी।
ये हमारी पहली जीत
सैय्यद जाफर ने कहा कि ये हमारे लिए उत्साह का विषय है कि सुप्रीम कोर्ट ने हमारी याचिका को सुना। हम मध्य प्रदेश सरकार के तानाशाही और हिटलरशाही रवैए को लेकर कोर्ट में पहुंचे थे। 2019 के परिसीमन को रद्द करते हुए आरक्षण और परिसीमन की प्रकिया 2014 के अनुसार चुनाव कराना गैर संवैधानिक है। इस पर कोर्ट ने महाराष्ट्र पर चल रहे मामले और मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव मामले, दोनों को क्लब करते हुए 13 दिसंबर को सुनवाई होगी। ये हमारी पहली जीत है। याचिकाकर्ता के वकील का कहना है कि चुनाव के दौरान होने वाली भीड़भाड़ को रोकने के लिए फिलहाल पंचायत चुनाव पर रोक लगना चाहिए।