भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को वोट कैसे मिलेंगे और नरेंद्र मोदी का सपना कैसे पूरा होगा, यह बताकर मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एक नया विवाद पैदा कर दिया है। इस दौरान कांग्रेस ने उनके आचरण को संविधान के विपरीत बताया और राष्ट्रपति से इस मामले में संज्ञान लेने की मांग की।
गुजरात की मुख्यमंत्री रह चुकीं आनंदीबेन मध्य प्रदेश की राज्यपाल बनने के बाद से ही सुर्खियों में रहती आई हैं। ताजा मामला चित्रकूट का है, जहां शुक्रवार को वह दौरे पर पहुंची थीं। चित्रकूट में स्वामी कामतानाथ के दर्शन के अलावा उन्होंने बच्चों के साथ भी कुछ वक्त बिताया।
इसी बीच सतना हवाई पट्टी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह सतना की महापौर ममता पांडे और भाजपा के अन्य नुमाइंदों से कह रही हैं- कुपोषण को दूर करने के लिए बच्चों को गोद लीजिए, अभियान चलाइए। वोट ऐसे नहीं मिलेंगे। बच्चों के घर जाओ, उनके सिर पर हाथ फेरो, बच्चा कैसा है- यह पूछो। उनको जो जरूरत हो, वो खरीदकर दो। मैंने भी गोद लिए हैं बच्चे। मैं भी जरूरत की चीज खरीदकर देती हूं। इस काम में पार्षद को लगाओ। यह हमारा दायित्व है। हम चुने हुए लोग हैं।
वे यहीं नहीं रुकीं। अफसरों की तरफ इशारा करते हुए बोलीं- इन्हें तो वोट लेना नहीं है। वोट तो हमें लेना है। इसलिए इसमें जुट जाइए। तभी 2022 में नरेंद्र भाई का सपना पूरा होगा। गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में राज्यपाल नियुक्त होने के बाद से आनंदीबेन ने अपनी सक्रियता से राजनीतिक प्रेक्षकों को भी हैरान कर रखा है। बहरहाल, कांग्रेस ने उनके आचरण को संविधान के विपरीत बताया है और राष्ट्रपति से इस मामले में संज्ञान लेने की मांग की है।