मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में चुनावी सर्वे के अनुमानों में सत्ता विरोधी लहर है और भाजपा के खिलाफ जनता का मूड दिख रहा है। प्रदेश में कांटे की टक्कर और कांग्रेस की जीत की संभावनाओं को देखते हुए कांग्रेस पार्टी में टिकट के दावेदारों की भी भरमार हो गई है। लेकिन बड़ी तादाद में टिकट मिलने की आस लगाए उम्मीदवारों के बीच जिताऊ उम्मीदवार का चयन कांग्रेस के लिए चुनौती बन गई है।
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कांग्रेस प्रदेश में भोपाल और इंदौर की आधा दर्जन सीटों सहित करीब 20 अहम सीटों में टिकट तय करने में उलझन में है। कांग्रेस से टिकट ना मिलने पर किसी अन्य राजनीतिक पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ने की अफवाह भी फैलाई जा रही है। इस दबाव की राजनीति के मद्देनजर कांग्रेस ने तय किया है कि जिन सीटों पर उम्मीदवार की घोषणा से असंतोष भड़क सकता है वहां टिकट का एलान बाद में किया जाएगा।
जिताऊ उम्मीदवारों के चयन को लेकर इस बार कांग्रेस बहुत सजग दिख रही है। उम्मीदवारों के चयन को लेकर प्रदेश कांग्रेस समिति में कई चरण की प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद दिल्ली में बंद कमरे में टिकट दावेदारों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की गई। जिसके बाद सीटों पर जिताऊ उम्मीवदारों पर भरोसा जताया गया।
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इस पूरी प्रक्रिया से पार्टी कार्यकर्ताओं में भी भरोसा पैदा हुआ। लेकिन बावजूद इसके प्रदेश की कई सीटों पर प्रत्याशियों के चयन को लेकर पार्टी में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जिसे जल्द दूर नहीं किया गया तो स्थानीय नेताओं की गुटबाजी के चलते पार्टी को नुकसान पहुंच सकता है।
भोपाल की नरेला सीट पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी के समर्थक के बीच टिकट को लेकर कड़ी टक्कर चल रही है। हुजूर में भी कमलनाथ और सुरेश पचौरी के समर्थकों में टकराव की स्थिति बनी हुई है। खबरों के मुताबिक छतरपुर जिले में भी पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी और दिग्विजय सिंह गठजोड़ बनने से कुछ सियासी मतभेद की आशंकाएं जताई जा रही हैं।
देपालपुर सीट भी ऐसी ही सीट जहां टिकट देने को लेकर पार्टी उलझन में है। इस सीट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दो अलग-अलग दावेदारों सत्यनारायण पटेल व विशाल पटेल के लिए कुछ समय के अंतर में अलग-अलग सभाएं कीं। इस कारण से दोनों ही नेताओं को लग रहा है कि उनकी टिकट पक्की है।
इन सीटों पर टिकटों को लेकर मारामारी, उलझन में पार्टी
kamalnath-jyotiraditya
इंदौर पांच -
इंदौर जिले की इस सीट से दो बार हारे प्रत्याशी पंकज संघवी, छोटे यादव और महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष अर्चना जायसवाल प्रमुख दावेदार।
देपालपुर -
इंदौर जिले की इस सीट पर सत्यनारायण पटेल, विशाल पटेल और मोती पटेल की दावेदारी से उम्मीदवार चयन को लेकर पार्टी उलझन में।
भोपाल मध्य -
पूर्व विधायक पीसी शर्मा, पूर्व महापौर विभा पटेल, 2008 और 2013 में हारे प्रत्याशी नासिर इस्लाम व आरिफ मसूद, पीसीसी के कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल, साजिद अली, प्रदेश प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी टिकट दावेदारों में शामिल।
भोपाल दक्षिण-पश्चिम -
2013 में हारे प्रत्याशी संजीव सक्सेना, उनके पूर्व पार्षद प्रवीण सक्सेना, पार्षद अमित शर्मा व योगेंद्र सिंह चौहान गुड्डू, प्रदेश प्रवक्ता रवि सक्सेना टिकट के इच्छुकों में शामिल।
नरेला -
जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश मिश्रा, पीसीसी के महामंत्री महेंद्र सिंह चौहान, मनोज शुक्ला, दो बार हारे प्रत्याशी सुनील सूद।
हुजूर -
विधानसभा क्षेत्र में जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मखमल सिंह मीणा, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य अवनीश भार्गव, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मांडवी चौहान, विधानसभा के पूर्व अधिकारी।
गोविंदपुरा -
गोविंदपुरा सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर का गढ़ माना जाता है। रामबाबू शर्मा, पार्षद गिरीश शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता जेपी धनोपिया दावेदारों में शामिल।