चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दल गरीबी और गरीब की बात करते नजर आते हैं। गरीबी कैसे खत्म की जाएं पूरा भाषण एक ही शब्द पर टिका होता है। लेकिन आपको ये बात जानकर हैरानी होगी के भाजपा और कांग्रेस जैसे दो बड़े दलों ने ज्यादातर करोड़पति उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 192 और कांग्रेस ने अब तक 184 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) और मध्य प्रदेश इलेक्शन वॉच ने इनमें से भाजपा के 177 और कांग्रेस के 171 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया। इनमें से भाजपा ने 71 फीसदी और कांग्रेस ने 72 फीसदी करोड़पति उम्मीदवारों को दोबारा चुनाव में उतारा है।
बात करें अगर भाजपा की तो उसके 177 उम्मीदवारों में से 125 ने पिछला चुनाव लड़ा था और इनमें 96 मौजूदा विधायक हैं। वहीं 2013 में कांग्रेस के 171 उम्मीदवारों में से 99 ने चुनाव लड़ा था और इनमें से 50 मौजूदा विधायक हैं। दोबारा चुनाव लड़ रहे दोनों दलों के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 5-5 करोड़ रुपये है।
इनमें भाजपा के 89 और करोड़पति उम्मीदवार हैं। भाजपा के संजय पाठक के पास सबसे ज्यादा संपत्ति है। चुनावी हलफनामे में विजय राघौगढ़ से उम्मीदवार पाठक ने अपनी संपत्ति 141 करोड़ रुपये बताई है। दूसरे नंबर पर भाजपा के ही चेतन कश्यप हैं, जिनकी संपत्ति 120 करोड़ रुपये है।
कांग्रेस से सबसे ज्यादा संपत्ति वाले उम्मीदवार संजय शर्मा हैं, जो चुनाव से ठीक पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए। उन्होंने अपनी संपत्ति 65 करोड़ दर्शायी है।