मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह खरगोन उपद्रव पर अपने बयानों को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। शुक्रवार को एक बार फिर उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए भाजपा पर निशाना साधा हैं। दिग्विजय सिंह ने तड़के सुबह अपने ट्वीट में भाजपा पर सांप्रदायिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाते हुए लिखा कि 'भाजपा यह जानती है कि बिना पत्थर उछाले कुर्सी नहीं मिलती है। इसलिए हथियार के रूप में कभी जज़्बात को तो कभी जान को हथियार बनाती है। साम्प्रदायिक उन्माद भाजपा का सबसे ख़तरनाक राजनीतिक हथियार है। जिस जिले में दंगा होगा उसकी पूरी जवाबदेही जिला कलेक्टर व एसपी की होगी, यदि यह संदेश मुख्यमंत्री दे दें तो कभी दंगा नहीं हो सकता। मेरे १० वर्षों के कार्यकाल में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ।"

बता दें इससे पहले भी दिग्विजय सिंह खरगोन उपद्रव को लेकर कई बयान दे चुके हैं। बीते दिनों उन्होंने बिहार की एक तस्वीर को अपने सोशल मीडिया में पोस्ट कर उसे मध्य प्रदेश का बताया था, जिसके बाद बीजेपी ने दिग्विजय सिंह पर जानबूझकर सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था। विवाद के बाद दिग्विजय सिंह ने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया था। दिग्विजय सिंह के लगातार विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के बाद प्रदेश सरकार ने दिग्विजय सिंह का ट्विटर अकाउंट ब्लॉक करने की मांग की। अपने बयानों के चलते दिग्विजय सिंह पर अब तक 4 केस दर्ज हो चुके हैं। किसी भी वक्त उनकी गिरफ्तारी हो सकती है।