दतिया की विशेष अदालत ने 13 वर्षीय बालक के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में 20 वर्षीय युवक को दोषी करार देते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई है। दूसरे आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसका मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
जिला अभियोजन अधिकारी पुष्पेन्द्र कुमार गर्ग ने आज बताया कि 13 वर्षीय बालक श्रषभ गुप्ता का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या करने के आरोप में दोषी करार देते हुए विशेष न्यायाधीश हितेन्द्र द्विवेदी ने सोमवार शाम को नंदकिशोर गुप्ता 20 को फांसी की सजा सुनाई। इस मामले में एक अन्य आरोपी 15 वर्षीय दिलीप साहू का प्रकरण किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
गर्ग ने बताया कि विगत 2 मार्च को दतिया के बीजासेन मोहल्ले के निवासी आरोपी नंद किशोर गुप्ता 20 एवं दिलीप उर्फ रानू साहू 15 अपने पड़ोसी 13 वर्षीय ऋषभ गुप्ता को बहला फुसला कर पहले अपने साथ सुनसान स्थान पर ले गये।
आरोपियों ने उसके साथ दुष्कृत्य किया। बाद में आरोपियों ने ऋषभ की निर्मम हत्या कर उसकी लाश देलुवा के पास नहर में फेंक दी।
उन्होंने आगे बताया कि आरोपियों ने मोबाइल से ऋषभ के परिजनों को फिरौती न देने पर बेटे को मार देने की धमकी भी दी।