ऑक्सीजन सिलिंडर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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देश में कोरोना का हाल बेहाल है। कोरोना से सिर्फ परिवार के किसी एक शख्स की मौत ही नहीं हो रही है बल्कि पूरा परिवार मानसिक और शारीरिक पीड़ा से गुजर रहा है। मध्यप्रदेश में कोरोना ने कोहराम मचाया हुआ है। मध्यप्रदेश के इंदौर में कई बड़े-बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के चलते नए मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है।
इंदौर के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी
अरबिंदो, इंडेक्स सहित कई बड़े अस्पतालों ने ऑक्सीजन की कमी होने की बात मानी है और कहा है कि वहां पहले से मौजूद मरीजों को ही ऑक्सीजन देने में दिक्कत हो रही है इसलिए नए मरीजों को भर्ती नहीं किया जा सकता। कई मरीज अपने परिजन के साथ अस्पतालों के बाहर इंतजार कर रहे हैं।
मरीज को भर्ती करने के लिए परिजन लगा रहे हैं चक्कर
बंगाली क्षेत्र के मित्र बंधु नगर की 62 वर्षीय चित्रलेखा को लेकर उनके पति ज्ञानसिंह नीम नौ घंटे तक अस्पताल दर अस्पताल भटकते रहे। ज्ञानसिंह ऑटो में ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर सुबह नौ बजे घर से निकले। सबसे पहले अरबिंदो, फिर एमटीएच, गीभाभवन, एमवायएच, सुपर स्पेशिलिटी, बॉम्बे अस्पताल, अरिहंत अस्पताल के चक्कर काटे लेकिन उनकी पत्नी को किसी ने भर्ती नहीं किया।
रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी से परेशानी बढ़ी
अरबिंदो और एमटीएच के तीन-तीन चक्कर काटे गए। शाम छह बजे रिया अस्पताल में 50 हजार रुपये जमान कराने के बाद भर्ती किया गया। ऑटो वाले को एक हजार रुपये का किराया चुकाया गया। वहीं इंदौर में रेमडेसिविर इंजेक्शन के सरकारी फॉर्मूले ने फजीहत कर दी।
सुबह नागपुर से 9,600 रेमडेसिविर इंदौर आए लेकिन इनमें से 2,748 शहर के मरीजों को देने की बात हुई लेकिन दिनभर इंजेक्शन को इधर-उधर बंटवाते रहे। इसका नतीजा यह हुआ कि शाम तक इंदौर के हिस्से में सिर्फ 350 इंजेक्शन ही रहे गए। बता दें कि 86 निजी अस्पतालों में 1,500 मरीजों को रेमडेसिविर की जरूरत है। चार सरकारी अस्पतालों में 700 मरीजों के लिए पांच हजार इंजेक्शन का स्टॉक है।