उन्होंने आगे कहा कि हम मध्यप्रदेश में इन्वेस्टर्स समिट चार से छह नवंबर को आयोजित करने वाले थे, लेकिन उसकी तिथि बदल रहे हैं। मैंने पीएम से आग्रह किया कि अगले साल नौ जनवरी को मध्यप्रदेश के इंदौर में प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन किया जाए। इसे स्वीकार कर लिया गया है। इसके पहले सात और आठ जनवरी को इंदौर में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा।
महाकाल आएंगे पीएम मोदी
मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में महाकाल मंदिर का नया परिसर बनकर तैयार है। यह अपने आप में अद्भुत है। इस परिसर में रूद्र सागर सरोवर, शिव स्तंभ, सप्त ऋषि स्थल, कमल-कुंड, नवग्रह वाटिका है, जिनका लोकार्पण हम पीएम के हाथों संपन्न कराना चाहते हैं। शिवकथा को चित्रित करने का काम हुआ है। यह अपने आप में अद्भुत है। प्रधानमंत्री से मैंने निवेदन किया कि इसका लोकार्पण उनके हाथों से संपन्न हो, इसके लिए उनकी सहमति मिल गई है। वे जल्द ही इस परिसर को लोकार्पित करेंगे।
स्टार्टअप पॉलिसी को लॉन्च करेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्टार्टअप बड़ी तेजी से उभर रहे हैं। हमने अपनी स्टार्टअप की पॉलिसी बनाई है। स्टार्टअप की हमारी पॉलिसी बनी हुई है, उसे हम लॉन्च करना चाहते हैं। उसके लिए भी मैंने समय मांगा। मई में हम उनसे वर्चुअली जुड़ेगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में स्टार्ट-अप नीति को और समग्र, समेकित और प्रभावी बनाने के लिए 'एमपी स्टार्ट-अप नीति और कार्यान्वयन योजना-2022' तैयार की गई है। स्टार्ट-अप्स और इनक्यूबेटर को निवेश सहायता, आयोजन सहायता, उन्नयन सहायता और लीज रेंटल सहायता आदि का प्रावधान। स्कूल/महाविद्यालयीन स्तर से छात्रों में नवाचार एवं स्टार्टअप की भावना जागृत करने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने का प्रावधान भी नीति में है। प्रदेश में 1,900 से अधिक स्टार्टअप इंडिया से अधिमान्य स्टार्टअप अब तक स्थापित हो चुके हैं। प्रदेश में 2022 में न्यूनतम दो स्टार्टअप को यूनिकॉर्न स्टार्टअप का दर्जा प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।
सीएम ने पीएम से इन बिंदुओं पर की बात
आयुष्मान भारत योजना: अब तक कुल 2.70 करोड़ कार्ड बनाए हैं। प्रदेश के 96 फीसदी पात्र परिवारों के पास कम-से-कम एक कार्ड उपलब्ध है। 2022 तक प्रदेश में कुल 11,107 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर विकसित करने का लक्ष्य है। 9,230 अर्थात 83 फीसदी सेंटर क्रियाशील हो चुके हैं।
पीएम स्वनिधि योजनाः अब तक प्रथम चरण में 5.11 लाख पथ विक्रेताओं को 511 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। योजना के द्वितीय चरण में 42,581 पथ विक्रेताओं को 85 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है।
गोबरधन प्लांट की स्थापना: प्रधानमंत्री के कर कमलों से इंदौर में एशिया के सबसे बड़े 550 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोबर-धन प्लांट का शुभारंभ हुआ है। इसी से प्रेरणा लेकर जबलपुर एवं भोपाल में भी गोबरधन प्लांट की स्थापना का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा रहा है। इसके लिये आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं।
एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड: एग्रीकल्चर कृषि अवसंरचना निधि के प्रयोग में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है। योजना में अब तक विभिन्न कृषि अधोसंरचना कार्यों के लिए लगभग 1200 करोड़ का ऋण वितरण किया जा चुका है।
जल जीवन मिशन: इस पर युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। अब तक ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 30 हजार 600 करोड़ रुपये से अधिक की नल जल योजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। दो वर्षों में 6000 करोड़ रुपये से अधिक राशि का व्यय कर प्रदेश के 40 फीसदी घरों तक नल का जल पहुंचाया जा चुका है। प्रदेश के 4270 से अधिक गांव ऐसे हैं जहां शत-प्रतिशत घरों में नल का जल पहुंच चुका है। बुरहानपुर जिला शत-प्रतिशत कवरेज वाला जिला बन गया है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश भारत में प्रथम स्थान पर है। योजना प्रारंभ वर्ष 2017 से अब तक 28 लाख से भी अधिक हितग्राहियों को करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है।