मध्यप्रदेश की जनता से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह रूबरू होने की खबरें अक्सर आम होती रहती हैं। इस बार सीएम शिवराज ने फुटपाथ पर रेहड़ी, गुमटी और ठेला आदि लगाने वाले छोटे व्यापारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उनका हाल-चाल जाना। इस दौरान सीएम शिवराज ने एक गुमटी वाले को अपनी कसम खिलाई। साथ ही, पूछा कि बैंक वालों ने परेशान तो नहीं किया।
शिवराज ने पूछा यह सवाल
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर योजना के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि कोरोना काल में घर परिवार कैसे चलाया? उन्हें ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर योजना का लाभ मिला या नहीं? इसके लिए बैंक के कितने चक्कर लगाने पड़े? इस दौरान मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से कहा, 'मेरी कसम खाकर बताओ कि योजना का लाभ देने में बैंक वालों ने परेशान तो नहीं किया, क्योंकि बैंक वाले चक्कर बहुत लगवाते हैं।
सीएम ने दी योजना की जानकारी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन जिले के सलामतपुर गांव के ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर योजना के हितग्राही कल्याण सिंह से बात की। मुख्यमंत्री ने कल्याण सिंह से हाल-चाल जानने के बाद पूछा कि कब से काम कर रहे हो? कोरोना में कैसा चला बिजनेस? बच्चे क्या करते हैं? स्ट्रीट वेंडर योजना का पता कैसे चला? कितना कमा लेते हो? इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर आप पूरा लोन भर देंगे तो आपको दोबारा 20 हजार रुपये का कर्ज मिलेगा और उसका ब्याज राज्य सरकार देगी।
लाभार्थियों ने कही यह बात
ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर योजना के लाभार्थी कल्याण सिंह ने कहा कि कोरोना में धंधा चौपट हो गया। बड़ी मुश्किल से गुजारा चला। कभी चावल बनाते थे तो कभी सिर्फ रोटी चटनी से काम चला लेते थे। इस योजना की जानकारी अखबार से मिली, जिसके बाद बैंक से 10 हजार रुपये का कर्ज मिल गया। घर के लिए थोड़ा सामान खरीदा और जूते-चप्पल की दुकान शुरू कर दी। साप्ताहिक बाजार के दिन अच्छा कमा लेते हैं और बाकी दिन 100-200 रुपये का फायदा हो जाता है।