मोदी सरकार ने बुधवार को रेलवे के दो अहम प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश के रतलाम-नीमच लाइन और गुजरात के राजकोट-कालानास लाइन की डबलिंग को मंजूरी दी गई। प्रोजेक्ट की स्वीकृति देने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी पीएम नरेंद्र मोदी और रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार माना है। शिवराज ने कहा कि 'प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय रेल सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण एवं तीव्र गति से विस्तार किया जा रहा है।'
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कैबिनेट में नीमच रतलाम रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंज़ूरी दी गई है। ये 133 किलोमीटर लंबा रूट है। नीमच और रतलाम लाइन अभी भी सिंगल लाइन है। इससे चित्तौड़ और उसके आसपास के शहरों को फायदा होगा। वहीं, गुजरात में राजकोट और कालानास की 111 किमी की लाइन को भी डबलिंग की मंजूरी दी गयी है। ये काम अगले तीन साल में पूरा होगा।
जानकारी के अनुसार, 133 किमी रतलाम-नीमच ब्रॉडगेज लाइन के दोहरीकरण का काम तीन चरणों में मार्च 2025 तक काम पूरा हो जाएगा। इस मार्ग के दोहरीकरण से नीमच से औद्योगिक लदान सहित यात्री ट्रेनों की आवाजाही भी सुगम होगी। अभी सिंगल लाइन पर ट्रेनों का 150 फीसदी भार है। दोहरीकरण से नई ट्रेनों की संख्या बढ़ने के साथ ही सफर का समय भी कम होगा।
स्थानीय रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दोहरीकरण का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका था। करीब 3.5 साल में काम पूरा करने का लक्ष्य है। वर्ष 2022 की शुरुआत में काम प्रारंभ होने की संभावना है। रेलवे बोर्ड ने रतलाम-नीमच दोहरीकरण प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। पूरे काम पर 1095.88 रुपये खर्च होंगे। इसमें 868 करोड़ रुपये सिविल वर्क जबकि बाकी के 134 करोड़ रुपये इलेक्ट्रिफिकेशन पर और सिग्नल पर 4.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रति किमी 8.25 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
केंद्र सरकार रेल यात्रा और माल ढुलाई की सुविधा के लिए नीमच-रतलाम खंड का दोहरीकरण के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इससे ट्रेनों की संख्या बढ़कर 30 से अधिक हो जाएगी। वहीं, माल लदान में भी 50 फीसदी तक का इजाफा होगा, जिससे रेलवे का राजस्व बढ़ेगा। दोहरीकरण के बाद मालगाड़ियों या पैसेंजर ट्रेन को क्रॉसिंग के लिए पैसेंजर ट्रेन को स्टेशन पर नहीं खड़ा रहना पड़ेगा। यात्री गाड़ियों का परिचालन समय पर होगा। नीमच व चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में 10-12 सीमेंट फैक्टरियां हैं।
गौरतलब है कि नीमच-चित्तौड़गढ़ सेक्शन का दोहरीकरण पहले से चल रहा है। अब निंबाहेड़ा से नीमच के बीच का ही काम बचा है। तीन साल में दोनों काम के पूरा होते ही रतलाम से चित्तौड़गढ़ तक दोहरी रेल लाइन हो जाएगी।